गोदरेज प्रॉपर्टीज को बड़ा झटका: पहली तिमाही में मुनाफा 46% घटा, राजस्व में भी 85% की भारी गिरावट

खबर सार :-

गोदरेज प्रॉपर्टीज के पहली तिमाही के नतीजे वित्तीय दबाव को दर्शाते हैं, जहां मुनाफा और राजस्व दोनों में बड़ी गिरावट आई है। हालांकि, मजबूत बुकिंग्स, बढ़ती बिक्री और प्रमुख शहरों में मांग कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। विलय प्रक्रिया से संचालन में सुधार की उम्मीद है। अब निवेशकों की नजर कंपनी की अगली तिमाहियों की आय वृद्धि और लाभप्रदता पर रहेगी।
गोदरेज प्रॉपर्टीज पर वित्तीय दबाव: 46% घटा मुनाफा

खबर विस्तार : -

Godrej Properties Q1 Results: देश की दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी Godrej Properties ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में इस अवधि के दौरान दबाव देखने को मिला है। जहां एक ओर कंपनी के मुनाफे और परिचालन राजस्व में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर बिक्री और बुकिंग के मोर्चे पर कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन जारी रखा।

शुद्ध लाभ में 46 प्रतिशत की कमी

जून तिमाही में गोदरेज प्रॉपर्टीज का समेकित शुद्ध लाभ (PAT) तिमाही आधार पर 46 प्रतिशत घटकर 350 करोड़ रुपए रह गया। इससे पहले मार्च तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 650 करोड़ रुपए था। सालाना आधार पर भी कंपनी के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 600 करोड़ रुपए था, जो इस बार घटकर 350 करोड़ रुपए रह गया। यानी साल-दर-साल आधार पर मुनाफे में करीब 41.7 प्रतिशत की कमी आई है।

राजस्व में 85 प्रतिशत की बड़ी गिरावट

कंपनी की परिचालन आय में भी भारी दबाव देखने को मिला। अप्रैल-जून तिमाही में गोदरेज प्रॉपर्टीज का ऑपरेशनल रेवेन्यू घटकर 506 करोड़ रुपए रह गया, जबकि मार्च तिमाही में यह आंकड़ा 3,458 करोड़ रुपए था। इस तरह तिमाही आधार पर राजस्व में 85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, सालाना तुलना में कंपनी का राजस्व बेहतर रहा है। पिछले साल जून तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 435 करोड़ रुपए था, जिसकी तुलना में इस बार 16.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।

EBITDA घाटा बढ़ा, अन्य आय में भी कमी

परिचालन स्तर पर कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा। गोदरेज प्रॉपर्टीज ने जून तिमाही में 285 करोड़ रुपए का EBITDA घाटा दर्ज किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह घाटा 243 करोड़ रुपए था। इसके अलावा कंपनी की अन्य आय भी कम हुई है। जून तिमाही में अन्य आय घटकर 839 करोड़ रुपए रह गई, जबकि एक साल पहले यह 1,186 करोड़ रुपए थी। इससे कंपनी की कुल लाभप्रदता पर असर पड़ा।

बुकिंग्स के मोर्चे पर कंपनी ने दिखाई मजबूती

वित्तीय दबाव के बावजूद गोदरेज प्रॉपर्टीज की बिक्री गति मजबूत बनी रही। जून तिमाही में कंपनी की कुल बुकिंग वैल्यू 8,651 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 22 प्रतिशत अधिक है। कंपनी के लिए यह लगातार छठी तिमाही रही, जब बुकिंग्स 7,000 करोड़ रुपए से ऊपर रही हैं। यह संकेत देता है कि आवासीय बाजार में कंपनी के प्रोजेक्ट्स की मांग बनी हुई है।

3,738 घरों की बिक्री, बेंगलुरु बना सबसे बड़ा बाजार

अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी ने कुल 3,738 आवासीय इकाइयों की बिक्री की। इन इकाइयों का कुल बिक्री योग्य क्षेत्रफल 62 लाख वर्ग फुट रहा। क्षेत्रीय प्रदर्शन की बात करें तो बेंगलुरु कंपनी का सबसे बड़ा बाजार रहा। कुल बुकिंग्स में बेंगलुरु की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत रही। इसके बाद मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) का योगदान 21 प्रतिशत, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का 18 प्रतिशत, पुणे का 11 प्रतिशत और हैदराबाद का 5 प्रतिशत रहा।

गोदरेज हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के विलय को मंजूरी

कंपनी के निदेशक मंडल ने तिमाही नतीजों के साथ गोदरेज हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड में विलय को भी मंजूरी दे दी है। कंपनी के अनुसार, इस कदम से कारोबारी ढांचे को सरल बनाने और संचालन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

कमजोर नतीजों से शेयरों में आई गिरावट

कमजोर वित्तीय नतीजों का असर कंपनी के शेयर प्रदर्शन पर भी पड़ा। बीएसई पर गोदरेज प्रॉपर्टीज का शेयर करीब 4 प्रतिशत गिरकर 1,992.80 रुपए के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया। कंपनी का शेयर पिछले 52 हफ्तों में 2,351.60 रुपए के उच्चतम स्तर और 1,434 रुपए के निचले स्तर तक पहुंच चुका है। निवेशकों की नजर अब कंपनी की आगामी तिमाहियों में आय और मुनाफे में सुधार की क्षमता पर रहेगी।

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