स्पाइसजेट पर CCPA का बड़ा एक्शन: डार्क पैटर्न के खेल पर 1 लाख का जुर्माना, ग्राहकों की सहमति से खिलवाड़ पड़ा भारी

खबर सार :-

स्पाइसजेट पर CCPA की यह कार्रवाई डिजिटल उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्राधिकरण ने स्पष्ट संकेत दिया है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डार्क पैटर्न, प्री-टिक्ड विकल्प और बिना स्पष्ट सहमति के अपनाई जाने वाली प्रक्रियाएं कानून का उल्लंघन हैं। इससे कंपनियों को पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित डिजिटल व्यवस्था अपनाने की सीख मिलेगी।
स्पाइसजेट पर CCPA का बड़ा एक्शन: डार्क पैटर्न के खेल पर 1 लाख का जुर्माना, ग्राहकों की सहमति से खिलवाड़ पड़ा भारी

खबर विस्तार : -

CCPA Action: उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट लिमिटेड पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कंपनी के फ्लाइट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर कथित तौर पर ‘डार्क पैटर्न’ यानी भ्रामक डिजिटल डिजाइन तकनीकों के इस्तेमाल को लेकर की गई है। जांच में पाया गया कि एयरलाइन ग्राहकों की स्पष्ट सहमति के बिना उन्हें अपने स्पाइसक्लब लॉयल्टी प्रोग्राम का सदस्य बना रही थी और प्रमोशनल संदेश भेजने के लिए पहले से चयनित (प्री-टिक्ड) विकल्पों का उपयोग कर रही थी।

ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया में मिली गड़बड़ीः सीसीपीए

यह आदेश CCPA की चीफ कमिश्नर निधि खरे और कमिश्नर अनुपम मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने जारी किया। प्राधिकरण ने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया में अपनाई गई यह व्यवस्था उपभोक्ताओं की स्वतंत्र पसंद और सूचित निर्णय लेने के अधिकार को प्रभावित करती है। यह कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के प्रावधानों के विपरीत है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, जांच के दौरान पाया गया कि फ्लाइट टिकट बुक करते समय स्पाइसक्लब लॉयल्टी प्रोग्राम में शामिल होने का विकल्प पहले से ही टिक किया हुआ रहता था। ऐसे में अधिकांश उपभोक्ता बिना जानकारी के सदस्य बन जाते थे। इसके साथ ही टेक्स्ट मैसेज, व्हाट्सऐप और ईमेल के माध्यम से प्रचार संबंधी संदेश प्राप्त करने की सहमति भी पहले से चयनित रहती थी, जिससे ग्राहकों की स्पष्ट मंजूरी के बिना उन्हें मार्केटिंग संदेश भेजे जा सकते थे।

CCPA के नोटिस पर भी स्पाइसजेट ने नहीं की कार्रवाई

CCPA ने यह भी पाया कि नोटिस जारी होने के बाद भी स्पाइसजेट ने इस व्यवस्था में पूरी तरह सुधार नहीं किया। कंपनी ने पुराने प्री-टिक्ड विकल्प की जगह नया प्री-सेलेक्टेड चेकबॉक्स जोड़ दिया, जिसके जरिए भविष्य में एसएमएस, व्हाट्सऐप और ईमेल से प्रमोशनल संदेश भेजने की सहमति पहले से दर्ज रहती थी। प्राधिकरण के अनुसार, यह पहले वाली प्रक्रिया को ही दूसरे तरीके से जारी रखने जैसा था। सुनवाई के दौरान स्पाइसजेट ने अपनी सफाई में कहा कि यह स्थिति तकनीकी त्रुटि के कारण उत्पन्न हुई थी। कंपनी ने दावा किया कि आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा चुके हैं। हालांकि CCPA ने कंपनी को लिखित रूप में यह आश्वासन देने का निर्देश दिया कि सभी जरूरी बदलाव लागू कर दिए गए हैं और भविष्य में भी ऐसी व्यवस्था दोबारा नहीं अपनाई जाएगी।

उपभोक्ता का निर्णय प्रभावित कर रहीं डार्क पैटर्न जैसी तकनीकें

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि डार्क पैटर्न जैसी तकनीकें उपभोक्ताओं की स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता को कमजोर करती हैं। ऐसी डिजिटल डिजाइन रणनीतियां ग्राहकों को अनजाने में ऐसे विकल्प स्वीकार करने के लिए प्रेरित करती हैं, जिन्हें वे सामान्य परिस्थितियों में नहीं चुनते। इससे पारदर्शिता और निष्पक्ष उपभोक्ता व्यवहार के सिद्धांत प्रभावित होते हैं। CCPA ने अपने आदेश में कहा कि स्पाइसजेट का यह आचरण कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के तहत अनुचित व्यापारिक प्रथा (Unfair Trade Practice), अनुचित अनुबंध (Unfair Contract) और भ्रामक प्रस्तुतीकरण (Misleading Representation) की श्रेणी में आता है। प्राधिकरण ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंपनियों को उपभोक्ताओं की स्पष्ट सहमति, पारदर्शिता और निष्पक्ष विकल्प सुनिश्चित करने होंगे। यह कार्रवाई अन्य कंपनियों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि उपभोक्ताओं की जानकारी और सहमति से समझौता करने वाली डिजिटल रणनीतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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