कैलिबर माइनिंग का ₹450 करोड़ का IPO खुला, पहले दिन निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स; 24 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग
खबर सार :-
कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स का आईपीओ पहले दिन अच्छी शुरुआत के साथ निवेशकों का ध्यान आकर्षित करने में सफल रहा। कंपनी का लगातार बढ़ता राजस्व, मुनाफा और EBITDA इसकी प्रमुख मजबूती हैं, जबकि बढ़ता कर्ज एक जोखिम बना हुआ है। 24 जुलाई को संभावित लिस्टिंग से पहले निवेशकों की नजर सब्सक्रिप्शन स्तर और बाजार की धारणा पर रहेगी।
खबर विस्तार : -
Caliber Mining IPO: कोल माइनिंग सेक्टर को लॉजिस्टिक्स और खनन सेवाएं उपलब्ध कराने वाली कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स का ₹450 करोड़ का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) शुक्रवार को निवेशकों के लिए खुल गया। पहले ही दिन निवेशकों की ओर से अच्छी दिलचस्पी देखने को मिली और दोपहर 11:30 बजे तक यह इश्यू 46 प्रतिशत सब्सक्राइब हो चुका था। कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और लगातार बढ़ते कारोबार को देखते हुए बाजार में इस आईपीओ को लेकर सकारात्मक माहौल दिखाई दे रहा है।
कंपनी का यह आईपीओ 21 जुलाई तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा। इश्यू बंद होने के बाद 22 जुलाई को शेयरों का आवंटन (Allotment) किया जाएगा, जबकि 23 जुलाई को सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयरों की संभावित लिस्टिंग 24 जुलाई को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर हो सकती है।
कंपनी का प्राइस बैंड 402 से 424 रुपये प्रति शेयर
इस आईपीओ के लिए कंपनी ने 402 रुपये से 424 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। निवेशकों के लिए एक लॉट में 35 शेयर रखे गए हैं। रिटेल निवेशकों को न्यूनतम एक लॉट के लिए आवेदन करना होगा, जिसके लिए अधिकतम प्राइस बैंड के हिसाब से 14,840 रुपये का निवेश करना पड़ेगा। वहीं, रिटेल श्रेणी में अधिकतम 13 लॉट यानी 455 शेयरों के लिए आवेदन किया जा सकता है, जिसके लिए करीब 1,92,920 रुपये का निवेश आवश्यक होगा। कुल 450 करोड़ रुपये के इस आईपीओ के तहत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले 1,06,13,207 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 400 करोड़ रुपये के 94,33,962 नए इक्विटी शेयर (Fresh Issue) शामिल हैं, जबकि करीब 50 करोड़ रुपये के 11,79,245 शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से बेचे जाएंगे। फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि का उपयोग कंपनी अपने विस्तार और कारोबारी जरूरतों के लिए करेगी।
एंकर निवेशकों को 31,83,960 शेयर आवंटित किए जाने के बाद शेष शेयरों में से 28.57 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अलावा 50 प्रतिशत हिस्सा रिटेल निवेशकों तथा 21.43 प्रतिशत हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए सुरक्षित रखा गया है। आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर की जिम्मेदारी DAM Capital Advisors Limited को सौंपी गई है, जबकि KFin Technologies Limited इस इश्यू की रजिस्ट्रार है।
राजस्व के मोर्चे पर कंपनी का प्रभावशाली प्रदर्शन
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले तीन वर्षों में इसका कारोबार लगातार मजबूत हुआ है। सेबी के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का शुद्ध लाभ 95.90 करोड़ रुपये था। अगले वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 131.55 करोड़ रुपये हो गया। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ और बढ़कर 157.90 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। लगातार बढ़ता मुनाफा कंपनी की मजबूत परिचालन क्षमता को दर्शाता है। राजस्व के मोर्चे पर भी कंपनी ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी की कुल आय 957.92 करोड़ रुपये थी, जो अगले वर्ष बढ़कर 1,435.57 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कुल राजस्व 1,684.66 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह दर्शाता है कि कंपनी का कारोबार लगातार विस्तार कर रहा है और बाजार में उसकी पकड़ मजबूत हो रही है।
कंपनी के कर्ज में उतार-चढ़ाव
हालांकि कंपनी के कर्ज में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 717.88 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो 2024-25 में घटकर 649.27 करोड़ रुपये रह गया। लेकिन वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक यह बढ़कर 1,057.61 करोड़ रुपये पहुंच गया। निवेशकों के लिए यह एक ऐसा पहलू है जिस पर आगे भी नजर रखना जरूरी होगा। इसके बावजूद कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होती दिखाई देती है। रिजर्व और सरप्लस 2023-24 में 244.93 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 593.96 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में कंपनी की नेटवर्थ 295.93 करोड़ रुपये से बढ़कर 647.54 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इससे स्पष्ट है कि कंपनी ने अपनी पूंजीगत स्थिति को लगातार मजबूत किया है।
कंपनी के EBITDA में लगातार बढ़ोतरी
कंपनी के परिचालन प्रदर्शन का प्रमुख संकेतक EBITDA भी लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 में EBITDA 243.14 करोड़ रुपये था, जो अगले वर्ष बढ़कर 349.77 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 में यह 430.92 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। EBITDA में यह वृद्धि बताती है कि कंपनी का मुख्य कारोबार लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और परिचालन स्तर पर उसकी क्षमता मजबूत बनी हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के मजबूत वित्तीय आंकड़े, बढ़ता राजस्व और लाभ इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाते हैं। हालांकि बढ़ता कर्ज भविष्य में निगरानी का विषय रहेगा। निवेशकों को आईपीओ में निवेश का फैसला कंपनी के जोखिम, वैल्यूएशन और अपने वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
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