IRCTC की नई वेबसाइट लॉन्च: स्मार्ट कैप्चा, फास्ट बुकिंग और आसान सीट सर्च से बदलेगा टिकट बुकिंग का पूरा अनुभव

खबर सार :-

आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट का उद्देश्य केवल आकर्षक डिजाइन देना नहीं, बल्कि टिकट बुकिंग को अधिक तेज, सरल और भरोसेमंद बनाना है। स्मार्ट कैप्चा, फास्ट चेकआउट, रिपीट बुकिंग और एक स्क्रीन पर सीट उपलब्धता जैसे फीचर्स यात्रियों का समय बचाएंगे। बीटा वर्जन से मिले सुझावों के बाद अंतिम पोर्टल और अधिक उपयोगी तथा आधुनिक रूप में सभी के लिए उपलब्ध होगा।
IRCTC की नई वेबसाइट लॉन्च: स्मार्ट कैप्चा, फास्ट बुकिंग और आसान सीट सर्च से बदलेगा टिकट बुकिंग का पूरा अनुभव

खबर विस्तार : -

IRCTC New Website: भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने अपने करोड़ों रेल यात्रियों के लिए नई वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च कर दिया है। इस नए पोर्टल का उद्देश्य ऑनलाइन टिकट बुकिंग को पहले की तुलना में अधिक तेज, आसान और यूजर फ्रेंडली बनाना है। रेलवे ने फिलहाल इसे बीटा वर्जन के रूप में जारी किया है, ताकि यात्रियों से मिलने वाले सुझावों और फीडबैक के आधार पर इसमें आवश्यक सुधार किए जा सकें। रेलवे के मुताबिक अगले कुछ सप्ताह में सभी जरूरी बदलाव शामिल करने के बाद नया पोर्टल पूरी तरह से लॉन्च कर दिया जाएगा।

आईआरसीटीसी का नया बीटा पोर्टल लाइव

नई वेबसाइट 15 जुलाई 2026 की रात 9 बजे से लाइव हो चुकी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले महीने जयपुर स्थित मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनआईटी) के दौरे के दौरान इसके लॉन्च की घोषणा की थी। फिलहाल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई और पुरानी दोनों वेबसाइटें समानांतर रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया पर किसी तरह का असर न पड़े।

पुरानी आईडी से होगा लॉगिन

नई वेबसाइट लॉन्च होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या यात्रियों को नया अकाउंट बनाना होगा। रेलवे ने इस भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि मौजूदा यूजर अपनी पुरानी आईआरसीटीसी यूजर आईडी और पासवर्ड से ही नई वेबसाइट पर लॉगिन कर सकते हैं। यानी दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की कोई आवश्यकता नहीं है। नई वेबसाइट में कई ऐसे फीचर्स जोड़े गए हैं जो टिकट बुकिंग के अनुभव को पहले से अधिक सहज बनाएंगे। सबसे बड़ा बदलाव स्मार्ट कैप्चा सिस्टम है। अब लॉगिन और टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार कैप्चा भरने की परेशानी काफी हद तक कम कर दी गई है। इसके अलावा वेबसाइट से अनावश्यक पॉप-अप, भारी ग्राफिक्स और ध्यान भटकाने वाले एलिमेंट्स हटाए गए हैं, जिससे पेज तेजी से लोड होगा और उपयोगकर्ता को सरल इंटरफेस मिलेगा।

एक स्क्रीन पर दिखेगी सभी क्लास की सीट उपलब्धता

टिकट बुकिंग के लिए रेलवे की नई वेबसाइट में सीट उपलब्धता देखने के तरीके में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले यात्रियों को स्लीपर, थर्ड एसी, सेकंड एसी या अन्य श्रेणियों की सीटें अलग-अलग सर्च करनी पड़ती थीं। अब सभी क्लास की सीट उपलब्धता एक ही स्क्रीन पर दिखाई देगी। इससे समय की बचत होगी और अलग-अलग विकल्पों की तुलना करना भी आसान होगा। यही नहीं, टिकट बुकिंग प्रक्रिया को तेज बनाने के लिए फास्ट चेकआउट फीचर भी जोड़ा गया है। पहले टिकट बुक करते समय कई चरणों से गुजरना पड़ता था, लेकिन अब इन स्टेप्स की संख्या कम कर दी गई है। इससे कम समय में टिकट बुक करना संभव होगा, खासकर तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। बार-बार यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए रिपीट बुकिंग फीचर भी पेश किया गया है। इस सुविधा के तहत यात्री की जानकारी सुरक्षित रहेगी, जिससे अगली बार टिकट बुक करते समय नाम, उम्र और अन्य विवरण दोबारा भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे नियमित यात्रियों का समय बचेगा और पूरी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक होगी।

अब सीधे IRCTC पोर्टल से करें नई बीटा वेबसाइट का इस्तेमाल

रेलवे ने बताया कि यात्री नई बीटा वेबसाइट का उपयोग सीधे आईआरसीटीसी पोर्टल के माध्यम से कर सकते हैं। वहीं, जो लोग पुरानी वेबसाइट खोलेंगे, उन्हें होमपेज पर नई वेबसाइट पर जाने का विकल्प भी मिलेगा। बीटा वर्जन जारी करने का मुख्य उद्देश्य यात्रियों से सुझाव प्राप्त करना है, ताकि अंतिम संस्करण को अधिक उपयोगी और बेहतर बनाया जा सके। आईआरसीटीसी की वेबसाइट वर्ष 2002 में शुरू हुई थी और आज यह देश के सबसे व्यस्त ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म में शामिल है। वर्तमान में इस पोर्टल के जरिए प्रतिदिन औसतन 14.5 लाख ट्रेन टिकट बुक किए जाते हैं। लगातार बढ़ते यूजर बेस और बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए वेबसाइट के तकनीकी ढांचे को आधुनिक बनाना समय की जरूरत बन गया था।

दशकों पुराना पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) अपग्रेड

रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि बदलाव केवल वेबसाइट के डिजाइन तक सीमित नहीं है। इसके साथ ही दशकों पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को भी अपग्रेड किया जा रहा है। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान टिकट बुकिंग सेवा को बाधित नहीं किया जा सकता था। इसलिए पुराने सिस्टम को चालू रखते हुए समानांतर रूप से नए सिस्टम पर काम किया गया। रेलवे का कहना है कि जैसे ही नया रिजर्वेशन इंजन और वेबसाइट पूरी तरह तैयार हो जाएंगे, अगले कुछ सप्ताह में नया पोर्टल सभी यात्रियों के लिए स्थायी रूप से उपलब्ध करा दिया जाएगा।

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