अनाविल वायर IPO पर निवेशकों की नजर, पहले दिन 4.77 गुना सब्सक्रिप्शन, 177.81 करोड़ रुपये के इश्यू की शानदार शुरुआत

खबर सार :-

अनाविल वायर एंड इंजीनियरिंग का आईपीओ पहले दिन निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी हासिल करने में सफल रहा है। कंपनी के मुनाफे, राजस्व और नेटवर्थ में लगातार वृद्धि सकारात्मक संकेत देती है, जबकि बढ़ता कर्ज निवेशकों के लिए अहम पहलू बना हुआ है। ऐसे में निवेश से पहले प्रॉस्पेक्टस, जोखिम कारकों और अपने वित्तीय लक्ष्यों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना बेहतर रहेगा।
IPO बाजार में अनाविल वायर की शानदार एंट्री

खबर विस्तार : -

Anavil Wire IPO: विंडमिल टावर निर्माण क्षेत्र की कंपनी अनाविल वायर एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड का 177.81 करोड़ रुपये का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) सोमवार को निवेशकों के लिए खुल गया। पहले ही दिन इस इश्यू को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और यह 4.77 गुना सब्सक्राइब हो गया। निवेशक इस आईपीओ में 5 अगस्त तक आवेदन कर सकेंगे। यदि तय कार्यक्रम के अनुसार प्रक्रिया पूरी होती है तो 6 अगस्त को शेयरों का आवंटन, 7 अगस्त को डीमैट खातों में शेयरों का क्रेडिट और 10 अगस्त को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर कंपनी की संभावित लिस्टिंग हो सकती है।

कंपनी ने इस आईपीओ का प्राइस बैंड 257 रुपये से 270 रुपये प्रति शेयर तय किया है। प्रत्येक लॉट में 400 शेयर रखे गए हैं। रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम दो लॉट यानी 800 शेयरों के लिए आवेदन करना अनिवार्य है। इस हिसाब से अधिकतम प्राइस बैंड पर न्यूनतम निवेश राशि लगभग 2.16 लाख रुपये होगी।

नए और OFS शेयरों का मिश्रण

आईपीओ के तहत कंपनी कुल 65,85,600 इक्विटी शेयर जारी कर रही है, जिनका अंकित मूल्य 10 रुपये प्रति शेयर है। इसमें लगभग 52,84,800 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जिनसे करीब 143 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे। वहीं 13,00,800 शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे जा रहे हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये है। इस तरह इश्यू का कुल आकार 177.81 करोड़ रुपये का है।

निवेशकों के लिए आरक्षण

इस आईपीओ में विभिन्न श्रेणियों के निवेशकों के लिए अलग-अलग कोटा तय किया गया है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 47.47 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रखा गया है। रिटेल निवेशकों के लिए 33.25 प्रतिशत और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) के लिए 14.25 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित किया गया है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.03 प्रतिशत हिस्सेदारी आरक्षित रखी गई है। इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर के रूप में हेम सिक्योरिटीज लिमिटेड कार्य कर रही है। बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है, जबकि हेम फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड मार्केट मेकर की भूमिका निभा रही है।

वित्तीय प्रदर्शन में लगातार सुधार

कंपनी द्वारा सेबी के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार पिछले तीन वित्त वर्षों में उसके कारोबार में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का शुद्ध लाभ 4.39 करोड़ रुपये था। अगले वित्त वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 12.31 करोड़ रुपये हो गया। वहीं 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ तेज उछाल के साथ 36.63 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। राजस्व के मोर्चे पर भी कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया। वर्ष 2023-24 में कुल राजस्व 54.08 करोड़ रुपये रहा, जो 2024-25 में बढ़कर 79.40 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद 2025-26 में कंपनी का राजस्व बढ़कर 143.63 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

नेटवर्थ और रिजर्व में भी मजबूत बढ़ोतरी

कंपनी की नेटवर्थ लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में यह 27.77 करोड़ रुपये थी, जो 2024-25 में 40.08 करोड़ रुपये और 2025-26 में बढ़कर 89.51 करोड़ रुपये हो गई। इसी अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। यह 18.12 करोड़ रुपये से बढ़कर 30.43 करोड़ रुपये और फिर 69.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, EBITDA भी लगातार बढ़ा। वित्त वर्ष 2023-24 में यह 22.22 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में 29.98 करोड़ रुपये और 2025-26 में 61.09 करोड़ रुपये हो गया।

बढ़ते कर्ज पर भी निवेशकों की नजर

हालांकि, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन के साथ उसका कर्ज भी तेजी से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी पर 51.86 करोड़ रुपये का कर्ज था। यह 2024-25 में बढ़कर 55.11 करोड़ रुपये हो गया और 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 128.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को कंपनी की मजबूत आय वृद्धि के साथ-साथ बढ़ते ऋण स्तर का भी संतुलित आकलन करना चाहिए। किसी भी आईपीओ में निवेश का निर्णय लेने से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल, वित्तीय स्थिति, जोखिम कारकों और वैल्यूएशन का अध्ययन करना आवश्यक है।

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