Sovereign AI : भारत की सॉवरेन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मॉडल रणनीति अब ठोस नतीजे देने लगी है। यह बात केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कही। उन्होंने घरेलू स्टार्टअप सर्वम एआई द्वारा विकसित किए गए एडवांस्ड एआई मॉडल की खुलकर सराहना की और इसे भारत के एआई मिशन की बड़ी उपलब्धि बताया।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल एआई का उपयोगकर्ता बनना नहीं, बल्कि एआई टेक्नोलॉजी का नेतृत्व करना है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि सर्वम एआई द्वारा जारी किए गए एडवांस्ड मॉडल की तारीफ अब वही लोग कर रहे हैं, जो पहले इसकी सबसे ज्यादा आलोचना करते थे। यह भारत की सॉवरेन एआई नीति की सफलता का प्रमाण है।
पिछले साल भारत सरकार ने देश का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फाउंडेशनल मॉडल विकसित करने के लिए सर्वम एआई को चुना था। 67 प्रस्तावों में से इसे शॉर्टलिस्ट किया गया, जो स्टार्टअप की तकनीकी क्षमता और विज़न को दर्शाता है। यह चयन भारत के एआई इकोसिस्टम में स्टार्टअप्स की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करता है।
सर्वम एआई ने खास तौर पर भारतीय भाषाओं को ध्यान में रखते हुए टेक्नोलॉजी विकसित की है। कंपनी ने भारतीय भाषाओं के लिए देश के अब तक के सबसे बेहतर टेक्स्ट-टू-स्पीच, स्पीच-टू-टेक्स्ट और ओसीआर मॉडल तैयार किए हैं। इससे डिजिटल इंडिया और भाषाई समावेशन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
दिसंबर 2025 में सर्वम एआई के को-फाउंडर प्रत्युष कुमार ने इंडियाएआई मिशन के तहत मल्टीलिंगुअल एआई सिस्टम का प्रदर्शन किया था। इसमें भारतीय भाषाओं के लिए भारत का पहला सॉवरेन फाउंडेशनल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) भी शामिल था, जिसे देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

भारत के एआई इकोसिस्टम को मजबूती देने के लिए मोदी सरकार ने 2024 में 10,300 करोड़ रुपये के बजट के साथ इंडिया एआई मिशन को मंजूरी दी थी। अगले पांच वर्षों में यह फंडिंग एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, रिसर्च, स्टार्टअप सपोर्ट और स्किल डेवलपमेंट जैसे अहम क्षेत्रों को बढ़ावा देगी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत के युवा इंजीनियर मटेरियल साइंस, हेल्थकेयर और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में ऐसे इनोवेशन पर काम कर रहे हैं, जिन्हें दुनिया आने वाले समय में पाथब्रेकिंग मॉडल के रूप में देखेगी। उन्होंने इसे भारत की तकनीकी ताकत का संकेत बताया।
पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई स्टार्टअप्स से सामाजिक भलाई के लिए एआई के इस्तेमाल का आह्वान किया था। उन्होंने एआई को सस्ता, समावेशी और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने यह भी घोषणा की कि भारत 16 से 20 फरवरी तक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ की मेज़बानी करेगा, जिससे भारत वैश्विक टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपनी भूमिका और मजबूत करेगा।
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