Smartphone Market 2025: भारत का स्मार्टफोन बाजार 2025 में एक दिलचस्प बदलाव के दौर से गुजरा। जहां एक ओर शिपमेंट यानी वॉल्यूम में साल-दर-साल केवल 1 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर बाजार की कुल वैल्यू 8 प्रतिशत बढ़ी। यह साफ संकेत है कि भारतीय उपभोक्ता अब सस्ते फोन की बजाय प्रीमियम और फीचर-रिच स्मार्टफोन को प्राथमिकता दे रहे हैं। काउंटरपॉइंट रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में भेजे गए हर पांच में से एक स्मार्टफोन अब प्रीमियम सेगमेंट का है। यह बदलाव न सिर्फ उपभोक्ताओं की बढ़ती क्रय क्षमता को दर्शाता है, बल्कि ब्रांड्स की रणनीति में आए बदलाव को भी उजागर करता है।
2025 में एप्पल भारत के स्मार्टफोन बाजार में वैल्यू के लिहाज से सबसे आगे रहा। कंपनी ने रिकॉर्ड 28 प्रतिशत वैल्यू शेयर हासिल किया, जो अब तक का उसका सबसे ऊंचा स्तर है। आईफोन 16 इस साल सबसे ज्यादा शिप होने वाला स्मार्टफोन मॉडल बना, जिसने एप्पल की प्रीमियम पहचान को और मजबूत किया। एप्पल की इस सफलता के पीछे भारतीय बाजार में प्रीमियम फोन की बढ़ती मांग, आसान फाइनेंस विकल्प और ब्रांड की मजबूत लॉयल्टी अहम कारण रहे।
वॉल्यूम के मामले में वीवो ने 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बाजार में पहला स्थान हासिल किया। आईक्यूओओ को छोड़कर, वीवो की मजबूत ऑफलाइन और ऑनलाइन मौजूदगी ने उसे यह बढ़त दिलाई। सैमसंग वॉल्यूम के लिहाज से दूसरे नंबर पर रहा। कंपनी ने बजट और प्रीमियम दोनों सेगमेंट पर फोकस बनाए रखा। खासतौर पर गैलेक्सी एस सीरीज की बढ़ती लोकप्रियता के कारण प्रीमियम सेगमेंट में सैमसंग की हिस्सेदारी उसके कुल शिपमेंट में अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
2025 में मोटोरोला वॉल्यूम के हिसाब से सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्मार्टफोन ब्रांड रहा। कंपनी ने सालाना आधार पर 54 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की। वहीं, सीएमएफ सबसे तेजी से बढ़ने वाला सब-ब्रांड बना, जिसकी ग्रोथ 83 प्रतिशत रही। यह दर्शाता है कि नए और अलग पहचान वाले ब्रांड भी बाजार में तेजी से जगह बना रहे हैं।
काउंटरपॉइंट के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार, 2025 में भारत की आर्थिक स्थिति स्थिर और मजबूत रही। घरेलू मांग बनी रही, महंगाई नियंत्रण में रही और रेपो रेट में कटौती से उपभोक्ताओं के लिए खर्च करना आसान हुआ। कंपनियों ने इस माहौल का फायदा उठाते हुए अपने प्रीमियम पोर्टफोलियो को मजबूत किया। बेहतर कैमरा, खासकर पोर्ट्रेट फोटोग्राफी, फ्लैगशिप-लेवल फीचर्स और आकर्षक डिजाइन पर जोर दिया गया। आसान ईएमआई और एक्सचेंज ऑफर्स ने भी बिक्री को रफ्तार दी।
आंकड़ों पर गौर करें तो, वर्ष 2025 की शुरुआत में ज्यादा इन्वेंट्री और कम नए लॉन्च के कारण बाजार की रफ्तार धीमी रही। लेकिन दूसरी तिमाही से नए मॉडल, आकर्षक ऑफर्स और त्योहारी सीजन की मांग ने बाजार को गति दी। तीसरी तिमाही में स्मार्टफोन बाजार ने रिकॉर्ड वैल्यू दर्ज की। 30,000 रुपये से अधिक कीमत वाले प्रीमियम स्मार्टफोन सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट साबित हुए। इस श्रेणी में सालाना 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल शिपमेंट में इनकी हिस्सेदारी 22 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है।
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