Sanshodhit bharatnet: देश के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पहुंच को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय संचार मंत्री Jyotiraditya Scindia ने कहा कि संशोधित भारतनेट योजना से आंध्र प्रदेश के गांवों में टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। 16.9 अरब डॉलर (करीब 1.39 लाख करोड़ रुपये) की इस सार्वजनिक वित्तपोषित परियोजना का उद्देश्य आंध्र प्रदेश सहित देश के हर गांव तक ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाना है।
डिजिटल भारत निधि (डीबीएन), दूरसंचार विभाग और आंध्र प्रदेश सरकार के बीच संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (एबीपी) के तेज क्रियान्वयन के लिए एक सहयोग ज्ञापन (एमओसी) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत राज्य-नेतृत्व वाले मॉडल पर कार्य करते हुए जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। सिंधिया ने कहा कि “हम देश के हर नागरिक तक तकनीक का लोकतंत्रीकरण कर रहे हैं। हमारी पीढ़ी में तकनीक ने व्यक्तिगत प्रतिभा, महत्वाकांक्षा और सपनों को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की क्षमता दी है।” उन्होंने जोर दिया कि मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी अब बुनियादी जरूरत बन चुकी है और ग्रामीण भारत को इससे सीधे लाभ मिलेगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री Pemmasani Chandra Sekhar ने कहा कि यह समझौता तेज और टिकाऊ क्रियान्वयन के लिए एक संरचित ढांचा प्रदान करता है। इससे अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी, 4जी सेवाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण नागरिकों को सस्ती व भरोसेमंद डिजिटल सेवाएं मिल सकेंगी। समझौते के तहत राज्य सरकार ने राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) की स्वीकृति, बुनियादी ढांचे तक पहुंच और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया है। मंत्रालय के अनुसार, परियोजना के लिए अधिकांश वित्तपोषण डीबीएन द्वारा किया जाएगा, जबकि राज्य सरकार भी आपसी सहमति के आधार पर योगदान देगी।
केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में इस योजना के कार्यान्वयन के लिए 2,432 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। इससे पांच लाख से अधिक ग्रामीण घरों को फाइबर कनेक्शन मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा पंचायत स्तर तक डिजिटल नेटवर्क का विस्तार होने से स्थानीय प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी। संशोधित भारतनेट के तहत तैयार नेटवर्क का उपयोग राज्य सरकार सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को अधिकतम करने के लिए करेगी। इससे डिजिटल गवर्नेंस को मजबूती मिलेगी, नागरिक सेवाओं की डिलीवरी में सुधार होगा और ग्रामीण व दूरदराज क्षेत्रों में ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस तथा टेलीमेडिसिन जैसी सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत फाइबर नेटवर्क से निजी टेलीकॉम कंपनियों को भी बुनियादी ढांचे का लाभ मिलेगा, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट स्पीड और विश्वसनीयता बढ़ने से स्टार्टअप, ई-कॉमर्स और डिजिटल उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिलेगा। यह पहल न केवल डिजिटल अंतर को कम करेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने में भी अहम भूमिका निभाएगी। संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से आंध्र प्रदेश डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक मॉडल राज्य के रूप में उभर सकता है।
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