एआई ‘सहकर्मी’ की तरह मदद करेगा, नौकरी नहीं छीनेगाः एक्सपर्ट्स

खबर सार :-
डब्ल्यूईएफ 2026 के विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि एआई नौकरियां नहीं छीनेगा, बल्कि कर्मचारियों की मदद करेगा और कार्यक्षमता बढ़ाएगा। यह उपकरण इंसानों की जगह नहीं ले सकता, लेकिन उनके काम को आसान और तेज़ बनाएगा। सफल कंपनियां वही होंगी, जो एआई की तकनीक को समझने के साथ ही उसके काम करने के तरीके को समझकर अपने संचालन और प्रबंधन में संतुलन बनाएंगी।

एआई ‘सहकर्मी’ की तरह मदद करेगा, नौकरी नहीं छीनेगाः एक्सपर्ट्स
खबर विस्तार : -

WEF 2026: दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) 2026 में तकनीकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंसानों की नौकरियों को नहीं छीनेगा, बल्कि उनके काम करने के तरीके को बदलकर उन्हें बेहतर और आसान बनाएगा। एआई कई कार्यों को स्वचालित रूप से कर सकता है, लेकिन यह पूरी नौकरी को पूरी तरह से रिप्लेस नहीं कर सकता।

वर्करा के संस्थापक और सीईओ कियान कटानफोरूश ने कहा कि एआई के संदर्भ में भाषा का सही इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई को सहकर्मीकहना सही नहीं है। उनका कहना था कि एआई कुछ विशेष कार्य बहुत अच्छी तरह कर सकती है, लेकिन इंसानों की तरह बहुआयामी कामकाजी क्षमता नहीं रखती। उन्होंने उदाहरण दिया कि इंसान एक साथ सैकड़ों अलग-अलग कार्य करता है, जबकि एआई केवल निर्धारित कार्यों को ही कर सकती है। कटानफोरूश ने यह भी कहा कि यह पूर्वानुमान कि एआई बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म कर देगा, अब तक गलत साबित हुआ है।

कर्मचारियों का मददगार

हिप्पोक्रेटिक एआई के सह-संस्थापक और सीईओ मुंजाल शाह ने भी इस विचार का समर्थन किया। उनका कहना था कि एआई इंसानों की जगह नहीं लेगा, बल्कि कर्मचारियों की मदद करेगा। उन्होंने भविष्य का दृष्टिकोण साझा करते हुए कहा, “दुनिया में 8 अरब लोग और 80 अरब एआई सिस्टम होंगे, जो काम को सरल बनाएंगे।उन्होंने एक उदाहरण दिया कि एआई सिस्टम ने गर्मी की लहर के दौरान हजारों लोगों को फोन करके उन्हें ठंडी जगहों पर जाने और स्वास्थ्य संबंधी सलाह देने में मदद की। उन्होंने कहा कि ऐसे सिस्टम को लागू करने के लिए कड़े परीक्षण की आवश्यकता होती है, और हमारे पास ऐसे मॉडल हैं जो अन्य मॉडल्स की जांच करते हैं, और फिर वे मॉडल भी उन्हीं की जांच करते हैं।

एआई अभी भी केवल एक उपकरण

अमिनी की संस्थापक और सीईओ केट कैलॉट ने कहा कि एआई अभी भी केवल एक उपकरण है। यह सही और गलत का निर्णय अपने आप नहीं कर सकता, क्योंकि इसमें इंसानों जैसी सोच और नैतिक समझ नहीं है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) के सीईओ क्रिस्टोफ श्वाइजर ने कहा कि एआई के साथ काम करने का अनुभव कभी-कभी किसी इंसानी सहकर्मी के साथ काम करने जैसा लगता है। उन्होंने जोड़ा कि किसी कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने काम करने के तरीके को कितना बदलती है, न कि केवल नई तकनीक अपनाने पर। श्वाइजर ने यह भी कहा कि एआई को एक बड़ी प्रबंधन जिम्मेदारी के रूप में देखना चाहिए, इसे केवल तकनीकी टीम तक सीमित नहीं रखा जा सकता।

एआई के संतुलित उपयोग पर जोर

एचपी कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ एनरिक लोरस ने एआई के संतुलित उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि एचपी के कॉल सेंटरों में कभी-कभी एआई गलत जवाब देती है, लेकिन कुल मिलाकर इसकी सटीकता बढ़ी है और ग्राहक संतुष्टि भी बेहतर हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई इंसानों की नौकरियों का विकल्प नहीं, बल्कि उन्हें अधिक कुशल बनाने वाला उपकरण है। यह कर्मचारियों को बार-बार होने वाले कार्यों से मुक्त कर उन्हें महत्वपूर्ण निर्णय लेने और रचनात्मक कामों पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर देता है। तकनीकी कंपनियों के लिए एआई का सही उपयोग मानव क्षमता और तकनीक के बीच संतुलन बनाए रखना है।

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