6G में विश्वगुरु बनने की तैयारी: 2030 तक भारत में 1 अरब का आंकड़ा पार करेंगे 5जी यूजर्स

खबर सार :-
भारत ने 5जी विस्तार में वैश्विक मिसाल कायम की है और अब 6जी तकनीक में नेतृत्व का लक्ष्य तय किया है। तेज निवेश, व्यापक नेटवर्क विस्तार और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर फोकस के साथ देश डिजिटल महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। 2030 तक 1 अरब 5जी यूजर्स का लक्ष्य भारत को वैश्विक डिजिटल मानचित्र पर नई ऊंचाई देगा।

6G में विश्वगुरु बनने की तैयारी: 2030 तक भारत में 1 अरब का आंकड़ा पार करेंगे 5जी यूजर्स
खबर विस्तार : -

India 6G leadership:  भारत डिजिटल क्रांति के नए दौर में प्रवेश कर चुका है और अब लक्ष्य सिर्फ भागीदारी नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा में कहा कि भारत ने 4जी तकनीक में दुनिया का अनुसरण किया, 5जी में दुनिया के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ा और अब 6जी तकनीक में विश्व नेतृत्व करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने दुनिया में सबसे तेज गति से 5जी नेटवर्क लॉन्च कर वैश्विक मानक स्थापित किया है। मात्र 22 महीनों के भीतर देश के 99.9 प्रतिशत जिलों में 5जी सेवाएं शुरू कर दी गईं। यह उपलब्धि न केवल तकनीकी क्षमता को दर्शाती है, बल्कि मजबूत नीति, निवेश और समन्वय का परिणाम भी है।

5G Network

5जी विस्तार: लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का निवेश

सिंधिया के अनुसार, दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने 5जी विस्तार के लिए लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। देशभर में 5 लाख से अधिक बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) स्थापित किए गए हैं, जिससे नेटवर्क की गुणवत्ता और पहुंच में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्तमान में लगभग 40 करोड़ नागरिक 5जी सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं और अनुमान है कि 2030 तक यह संख्या बढ़कर 1 अरब तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल कनेक्टिविटी को अंतिम छोर तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। ग्रामीण भारत में वाई-फाई नेटवर्क का तेजी से विस्तार एक नई डिजिटल क्रांति की नींव रख रहा है। सार्वजनिक वाई-फाई हॉटस्पॉट की तैनाती में महाराष्ट्र देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। इससे गांवों, छोटे कस्बों और दूरदराज क्षेत्रों में शिक्षा, ई-हेल्थ, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिल रहा है।

ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भारत की लंबी छलांग

ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी भारत ने लंबी छलांग लगाई है। एक दशक पहले जहां देश में केवल 6 करोड़ ब्रॉडबैंड कनेक्शन थे, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 1 अरब तक पहुंच चुकी है। यह वृद्धि दर्शाती है कि डिजिटल बुनियादी ढांचे में निवेश और नीतिगत सुधारों का असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है। संचार मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब तकनीक का मात्र उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार और डिजिटल समाधान का वैश्विक केंद्र बन रहा है। डिजिटल परिवर्तन अब महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों तक अपनी पहुंच बना चुका है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

Broadband Connectivity

नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स 2025

वैश्विक स्तर पर भी भारत की स्थिति मजबूत हुई है। ‘नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स 2025’ (NRI 2025) में भारत ने चार स्थानों की छलांग लगाते हुए 45वां स्थान हासिल किया है। भारत का स्कोर 2024 में 53.63 से बढ़कर 2025 में 54.43 हो गया है। मंत्रालय के अनुसार, भारत कई डिजिटल संकेतकों में अग्रणी देशों की श्रेणी में शामिल हो चुका है।

सरकार का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य 2030 तक डिजिटल इकोसिस्टम को और सशक्त बनाना है, ताकि 6जी तकनीक के क्षेत्र में भारत अग्रणी भूमिका निभा सके। सिंधिया ने स्पष्ट किया कि आने वाला दशक भारत के लिए डिजिटल नेतृत्व का दशक होगा, जहां तकनीक विकास, समावेशन और आत्मनिर्भरता की आधारशिला बनेगी।

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