ISM 2.0 : भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को बड़ी सफलता मिली है। देश में मंजूर किए गए 10 सेमीकंडक्टर प्लांट्स में से चार प्लांट्स अब पायलट प्रोडक्शन स्टेज तक पहुंच चुके हैं। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये का अनुमानित निवेश शामिल है, जो भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को नई ऊंचाई देगा।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, अब तक स्वीकृत 10 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स में से चार में उत्पादन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर की मांग तेजी से बढ़ रही है और सप्लाई चेन को लेकर कई देश आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
सरकार की ओर से मंजूर प्रोजेक्ट्स में दो फैब यूनिट्स और आठ पैकेजिंग यूनिट्स शामिल हैं। इनमें सीएमओएस (सिलिकॉन) फैब, सिलिकॉन कार्बाइड फैब, एडवांस्ड पैकेजिंग और मेमोरी पैकेजिंग यूनिट्स शामिल हैं। यह विविधता दर्शाती है कि भारत केवल असेंबली नहीं, बल्कि हाई-एंड सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सेमीकंडक्टर सेक्टर में स्टार्टअप्स की भूमिका भी लगातार मजबूत हो रही है। सरकार ने स्टार्टअप्स के माध्यम से 24 चिप-डिजाइन परियोजनाओं को समर्थन दिया है। इनमें से 16 परियोजनाओं ने टेपआउट प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि 13 स्टार्टअप्स को वेंचर कैपिटल फंडिंग भी मिल चुकी है। यह संकेत है कि भारत में चिप डिजाइन का इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि 350 विश्वविद्यालयों को इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (EDA) टूल्स तक पहुंच दी गई है। इन टूल्स का उपयोग वर्तमान में करीब 65,000 इंजीनियर कर रहे हैं। इससे आने वाले वर्षों में कुशल मानव संसाधन तैयार होने की उम्मीद है।

सरकार ने 76,000 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली, टेस्टिंग, पैकेजिंग और मॉड्यूल निर्माण तक एक संपूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करना है।
नैसकॉम के अनुमानों का हवाला देते हुए सरकार ने बताया कि 2020-21 से 2024-25 के बीच आईटी निर्यात 152 अरब डॉलर से बढ़कर 224.4 अरब डॉलर हो गया है। इसी अवधि में कुल आय 196 अरब डॉलर से बढ़कर 283 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जो टेक सेक्टर की मजबूती को दर्शाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर क्षमताओं का बेहतर एकीकरण होगा। इसके साथ ही 7,280 करोड़ रुपये की सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट (REPM) योजना से रणनीतिक सामग्रियों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे भारत की सेमीकंडक्टर महत्वाकांक्षाओं को और बल मिलेगा।
अन्य प्रमुख खबरें
India-Vietnam डिजिटल कनेक्ट: UPI से वैश्विक पेमेंट और आसान, तेज़ और सुरक्षित होंगे लेनदेन
Netflix New Feature: सीरीज का ट्रेलर बदला रील में, नेटफ्लिक्स का नया फीचर्स
भारत पर Apple का बड़ा दांव: Tim Cook बोले- iPhone 17 की सफलता से चमका एप्पल, सबसे बड़ा मौका अभी बाकी
55 dB ANC और 54 घंटे बैटरी वाले One Plus ईयरबड्स लॉन्च, कीमत भी किफायती
Xiaomi Android 17 Update : Xiaomi 17 और 15T Pro के लिए Android 17 का रास्ता साफ, जानें क्या है खास
Samsung Galaxy S27 Camera Redesign: क्या इस बार मिलेगा मैग्नेटिक चार्जिंग सपोर्ट?
iQOO new smartphone leaks : 8,000mAh की विशाल बैटरी और 200MP कैमरे वाला स्मार्टफोन जल्द होगा लॉन्च
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर IMF की चेतावनीः AI रेवोल्यूशन जारी, पर ग्लोबल प्रोडक्टिविटी अभी भी सुस्त