One Plus India: स्मार्टफोन ब्रांड वनप्लस ने भारत में अपने परिचालन बंद करने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। बुधवार को कंपनी ने स्पष्ट किया कि भारत में उसका कारोबार पूरी तरह सामान्य है और आगे भी जारी रहेगा। बीते कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि वनप्लस इंडिया अपने ऑपरेशन समेटने जा रही है, जिस पर अब कंपनी के शीर्ष नेतृत्व ने खुलकर स्थिति साफ कर दी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वनप्लस के सीईओ रॉबिन लियू ने पोस्ट कर कहा, “वनप्लस इंडिया और उसके संचालन को लेकर कुछ गलत जानकारियां फैलाई जा रही हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम पूरी तरह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि कंपनी के बंद होने से जुड़ी हालिया खबरें पूरी तरह अपुष्ट और झूठी हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी तरह की जानकारी साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि जरूर करें।
वनप्लस की ओर से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है, जब भारत में स्मार्टफोन कंपनियों पर नियामकीय और सुरक्षा जांच बढ़ी है। इसके साथ ही घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तीखी हो गई है। ऐसे माहौल में कई विदेशी ब्रांड्स को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, जिनका असर वनप्लस जैसी स्थापित कंपनियों पर भी पड़ा।
वनप्लस की स्थापना वर्ष 2013 में एक स्वतंत्र ब्रांड के रूप में हुई थी। हालांकि, कंपनी के ओप्पो के साथ करीबी कारोबारी संबंध हैं। दोनों ही ब्रांड बीबीके इलेक्ट्रॉनिक्स ग्रुप का हिस्सा हैं और उनकी सप्लाई चेन, निवेश ढांचा और कुछ कारोबारी प्रक्रियाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। बावजूद इसके, वनप्लस भारत में अपनी अलग पहचान और मजबूत उपभोक्ता आधार बनाए हुए है।
वनप्लस भारतीय स्मार्टफोन बाजार के मिड-प्रीमियम सेगमेंट में सक्रिय है। 2025 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने सालाना आधार पर 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इस दौरान उसकी बाजार हिस्सेदारी 3 प्रतिशत से बढ़कर 4 प्रतिशत हो गई। इस सेगमेंट में सैमसंग शीर्ष स्थान पर है, जबकि उसके बाद ओप्पो और वनप्लस का स्थान आता है।
इंटरनेशनल डेटा कॉर्पोरेशन (IDC) के अनुसार, 2025 की तीसरी तिमाही में भारत का स्मार्टफोन बाजार पिछले पांच वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कुल बाजार में 4.3 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई और शिपमेंट 48 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया। यह आंकड़े दिखाते हैं कि भारत वैश्विक स्मार्टफोन कंपनियों के लिए अब भी एक बड़ा और आकर्षक बाजार बना हुआ है।
भारत से स्मार्टफोन की विदेशी शिपमेंट 2021 से 2025 के बीच लगभग 79.03 बिलियन डॉलर रही है, जिसमें 2025 का योगदान सबसे अधिक रहा। इस दौरान कुल निर्यात में एप्पल आईफोन की हिस्सेदारी लगभग 75 प्रतिशत रही। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ावा मिलने से आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात और बढ़ेगा। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादक बन चुका है।
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