नई दिल्लीः त्योहारों का मौसम आते ही बाजार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर चहल-पहल बढ़ जाती है। हर कोई गिफ्ट, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और डेकोरेशन आइटम्स की खरीदारी में जुट जाता है। खासकर ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान मिलने वाले भारी डिस्काउंट और ऑफर्स ग्राहकों को तेजी से ई-कॉमर्स वेबसाइट्स की ओर आकर्षित करते हैं। लेकिन इस बढ़ी हुई ऑनलाइन गतिविधि का फायदा साइबर अपराधी भी उठाते हैं।
भारतीय राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, त्योहारों के दौरान साइबर फ्रॉड के मामलों में 35-40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। वर्ष 2023 में देशभर में साइबर अपराध से जुड़े 14 लाख से ज्यादा मामले सामने आए, जिनमें से करीब 22 प्रतिशत केस ई-कॉमर्स और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म से संबंधित थे। इन अपराधों की सबसे आम तकनीक नकली वेबसाइट्स, फर्जी ऑफर्स, फिशिंग ईमेल और सोशल मीडिया स्कैम्स हैं। कई बार ग्राहकों को नामी ब्रांड्स के नाम पर ‘70-80 प्रतिशत छूट’ के बहाने ठगा जाता है। वहीं, व्हाट्सऐप या इंस्टाग्राम पर ‘फ्री गिफ्ट’, ‘लकी ड्रा’ जैसे संदेशों के जरिए लिंक भेजे जाते हैं, जो व्यक्तिगत जानकारी या बैंक डिटेल्स चुरा लेते हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण है सतर्कता और जागरूकता। खरीदारी केवल आधिकारिक और भरोसेमंद वेबसाइट या ऐप से ही करें। किसी भी अनजान लिंक या संदिग्ध ऑफर पर क्लिक न करें। पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर ऑनलाइन पेमेंट से बचें और किसी के साथ ओटीपी, कार्ड डिटेल्स या पिन साझा न करें। यूपीआई पेमेंट करते समय QR कोड को स्कैन करते वक्त यह सुनिश्चित करें कि भुगतान आपको मिलना है या करना है। अधिकतर फ्रॉड इसी भ्रम के कारण होते हैं। अगर किसी धोखाधड़ी का शिकार हो जाएं, तो बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। त्योहारों की खुशी को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है कि डिजिटल लेन-देन के दौरान सावधानी बरती जाए। थोड़ी सी जागरूकता से आप साइबर जालसाजी से बच सकते हैं और त्योहारों की खुशियां बिना किसी तनाव के मना सकते हैं।
सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट और ऐप का इस्तेमाल करें: किसी भी अनजान या नई वेबसाइट से खरीदारी करने से बचें। केवल वे प्लेटफॉर्म चुनें जो ब्रांडेड, रजिस्टर्ड और सुरक्षित हों।
फर्जी ऑफर और भारी डिस्काउंट से बचें: 70-80 प्रतिशत से अधिक छूट के ऑफर संदिग्ध हो सकते हैं। किसी भी असामान्य या ‘बहुत अच्छा सौदा’ लगने वाले ऑफर पर तुरंत भरोसा न करें।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें: ईमेल, मैसेज या सोशल मीडिया पर मिले किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। ये लिंक आपके डाटा चोरी करने के लिए भेजे जाते हैं।
पर्सनल डिटेल्स किसी से शेयर न करें: OTP, पासवर्ड, डेबिट/क्रेडिट कार्ड नंबर और पिन जैसी जानकारी कभी किसी के साथ साझा न करें — चाहे वह खुद को बैंक या कंपनी का प्रतिनिधि बताए।
पब्लिक Wi-Fi से खरीदारी या पेमेंट न करें: कैफे, मॉल या सार्वजनिक जगहों के Wi-Fi नेटवर्क असुरक्षित हो सकते हैं। इससे आपके बैंकिंग डिटेल्स हैक होने का खतरा रहता है।
UPI और QR कोड पेमेंट में सतर्कता रखें: स्कैन करते समय ध्यान दें कि आप पैसे भेज रहे हैं या ले रहे हैं। फ्रॉड अकसर इसी भ्रम का फायदा उठाते हैं।
फ्रॉड की स्थिति में तुरंत शिकायत करें: यदि आपके साथ कोई धोखा हो जाए, तो बिना देरी के साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें।
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