गोरखपुर/अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को दंगा मुक्त बनाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि आज राज्य में दंगाइयों और उन्हें संरक्षण देने वालों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है, जबकि प्रदेश के नौजवानों के लिए रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति, सुरक्षा और विकास की नीति ने उत्तर प्रदेश की पहचान को पूरी तरह बदल दिया है।
अयोध्या में नकहा रेलवे ओवरब्रिज और खजांची फ्लाईओवर के उद्घाटन अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है और इसी क्रम में नया गोरखपुर भी विकास की नई कहानी लिख रहा है। उन्होंने कहा कि बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर अब प्रदेश ने अपनी पहचान को फिर से गढ़ा है, जिसे परिवारवादी और जातिवादी मानसिकता के लोग स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में दंगाइयों को संरक्षण मिलता था और उनके हितैषी सत्ता के आसपास बने रहते थे। लेकिन जब प्रदेश को दंगा मुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाए गए, तो दंगाई अपने बिलों में छिपने को मजबूर हो गए। इसके साथ ही उनके समर्थक इसलिए परेशान हैं क्योंकि दंगों के सहारे चलने वाली उनकी आजीविका समाप्त हो गई है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार ने युवाओं को सरकारी नौकरियाँ देने के साथ-साथ ऐसा वातावरण तैयार किया है, जिससे निजी निवेश भी तेजी से प्रदेश की ओर आकर्षित हुआ है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा, मजबूत कानून व्यवस्था और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण उत्तर प्रदेश में लगभग 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जो डेढ़ करोड़ से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का आधार बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब युवाओं के कौशल को निखारकर उन्हें उनके ही जनपद और प्रदेश में काम करने का अवसर मिलता है, तभी निवेश टिकाऊ बनता है। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश रोजगार देने वाला राज्य बनकर उभर रहा है।
सीएम योगी ने 2017 से पहले और बाद के उत्तर प्रदेश की तुलना करते हुए कहा कि पहले प्रदेश भय, आतंक, दंगे और अराजकता से जूझ रहा था। न बेटियाँ सुरक्षित थीं, न व्यापारी। जाति और परिवार की राजनीति ने प्रदेश को पहचान के संकट में डाल दिया था। लेकिन 2017 के बाद डबल इंजन सरकार ने विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता बनाकर प्रदेश की दिशा बदल दी। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समस्याओं की नहीं, बल्कि समाधान की बात होती है। अब गोरखपुर की पहचान माफिया या उपद्रव से नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय सड़कों, एम्स, फर्टिलाइजर प्लांट, मेडिकल कॉलेज, आयुष विश्वविद्यालय और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ी है। यही बदला हुआ उत्तर प्रदेश है, जो विकास और विश्वास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
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