निर्झर धाम आश्रम पर चल रहा 108 कुंडीय लक्ष्मी नारायण महायज्ञ, दी जा रहीं 5 लाख आहुतियां

खबर सार :-
निर्झर धाम आश्रम में यज्ञ के दौरान प्रतिदिन 5,00,000 आहुतियाँ अर्पित की जा रही हैं। सातवें दिन तक, रानासर में स्थित निर्झर धाम आश्रम में कुल 35 लाख आहुतियाँ अर्पित की जा चुकी थीं। प्रतिदिन 125 जोड़े आहुतियाँ अर्पित करके इस अनुष्ठान में भाग ले रहे हैं।

निर्झर धाम आश्रम पर चल रहा 108 कुंडीय लक्ष्मी नारायण महायज्ञ, दी जा रहीं 5 लाख आहुतियां
खबर विस्तार : -

उदयपुरवाटीः नीमकाथाना के निकट राणासर के पास स्थित निर्झर धाम आश्रम में इन दिनों भव्य 108 कुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जा रहा है। यज्ञ स्थल पर प्रतिदिन “स्वाहा-स्वाहा” के मंत्रोच्चार के साथ वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। विद्वान पंडितों के मार्गदर्शन में रोजाना लगभग 5 लाख आहुतियां यज्ञ में अर्पित की जा रही हैं, जिससे पूरा क्षेत्र धार्मिक माहौल से सराबोर है।

125 दंपत्ति प्रतिदिन ले रहे हिस्सा

यज्ञ में नीमकाथाना के किरोड़ीमल मोदी और छगनलाल मोदी प्रधान कुंड पर सहपत्नीक बैठकर आहुति दे रहे हैं। इनके साथ ही करीब 125 दंपत्ति भी प्रतिदिन यज्ञ में भाग लेकर आहुति अर्पित कर रहे हैं। आयोजन से जुड़े यज्ञ प्रेमी मदनलाल भंवरिया ने बताया कि यज्ञ में आहुति देने का अर्थ अग्नि के माध्यम से देवताओं को हवन सामग्री समर्पित करना होता है। यह समर्पण और त्याग का प्रतीक माना जाता है, जो वातावरण को शुद्ध करने के साथ नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक शक्तियों का संचार करता है।

उन्होंने बताया कि यज्ञ में “स्वाहा” बोलकर दी जाने वाली आहुतियां औषधीय जड़ी-बूटियों और हवन सामग्री से युक्त होती हैं। इनसे वातावरण में शुद्धता बढ़ती है और कई प्रकार के हानिकारक कीटाणुओं का नाश होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यज्ञ में आहुति देने से देवता प्रसन्न होते हैं और श्रद्धालुओं को आरोग्य, सुख-समृद्धि तथा मानसिक शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचकर यज्ञ में आहुति दे रहे हैं और भक्ति भाव से पूजा-अर्चना कर रहे हैं। साथ ही यहां आयोजित भंडारे में रोजाना हजारों श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग इस धार्मिक आयोजन में भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं।

इस अवसर पर विद्वान पंडित संजय शास्त्री, श्री श्री 108 श्री अवध बिहारी दास महाराज, झड़ाया बालाजी मंदिर के महंत महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 श्री सीताराम दास जी महाराज, दौलत राम गोयल, महेश कुमार, बजरंग लाल पटेल, कैप्टन रामनिवास ताखर, राणासर सरपंच प्रतिनिधि राजकुमार जाखड़ और महेंद्र सिंह तेतरवाल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

आयोजन से पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु इसे आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक एकता का प्रतीक मान रहे हैं, वहीं आयोजकों का कहना है कि इस महायज्ञ का उद्देश्य समाज में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करना है।
 

अन्य प्रमुख खबरें