Delhi Power Tariff Hike: दिल्ली वालों को लगा बिजली बिल का बड़ा झटका, DERC ने दी फ्यूल चार्ज बढ़ाने की इजाजत

खबर सार :-
दिल्ली वालों के लिए बिजली बिल का झटका लगने वाला है। बिल में 1 से 3.30 प्रतिशत तक का अतिरिक्त सरचार्ज जुड़ गया है। इसके मुताबिक 400 से अधिक खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सरचार्ज देना पड़ सकता है।
Delhi Power Tariff Hike: दिल्ली वालों को लगा बिजली बिल का बड़ा झटका, DERC ने दी फ्यूल चार्ज बढ़ाने की इजाजत
खबर विस्तार : -

Delhi Power Tariff Hike: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईंधन की लागत में लगातार बढोत्तरी के कारण दिल्ली में बिजली महंगी हो गई है। वितरण कंपनियों को एफपीपीएएस बढ़ाने की अनुमति मिलने के बाद उपभोक्ताओं पर प्रेशर बढ़ गया है। अब उन्हें पहले की तुलना में 6 प्रतिशत से 7.94 प्रतिशत अधिक बिल देना होगा। इसमें उन उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, जिन्होंने सब्सिडी ली है। 

Delhi Power Tariff Hike: 400 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च पर बढ़ेगा बिल

पेट्रोल, डीजल और गैस के बाद अब बिजली बिल पर भी संकट मंडराने लगा है। कोयले के दाम में वृद्धि होने के कारण बिजली वितरण कंपनियों ने दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग से ईंधन और बिजली खरीद समायोजन अधिभार (एफपीपीएएस) बढ़ाने की मांग की थी। यह अधिभार बिजली उपभोक्ताओं को देना होता है। जिसकी अनुमति मिलने के बाद दिल्ली वालों पर बिल का बोझ बढ़ गया है। आपको बता दें कि यह वृद्धि केवल एक महीने के लिए किया गया है। प्रत्येक महीने में 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत तक और 201 से 400 यूनिट खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी मिलती है। यह एफपीपीएएस ईंधन की कीमतों पर निर्भर है। 

Delhi Power Tariff Hike: डीईआरसी से एफपीपीएएस वसूली दर बढ़ाने की मांग

हाल की आंकड़ों के मुताबिक अभी तक बिजली वितरण कंपनियां 10 प्रतिशत  तक एफपीपीएएस की वसूली कर रही थी। वितरण कंपनियों के अनुसार हाल ही में हुए आयात और परिवहन लागत में हुई वृद्धि के कारण कोयले की कीमत में बढ़ोत्तरी हुई है। बिजली वितरण कंपनियों बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल), बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) ने डीईआरसी से एफपीपीएएस की वसूली की दर 10 प्रतिशत बढ़ाने का अनुराध किया था। 

Delhi Power Tariff Hike: जून में की जाएगी मार्च महीने के बकाये की वसूली

दिल्ली में 3 बिजली विरतक कंपनियां मौजूद हैं। इन सभी के विस्तारित इलाकों में PPAC का अलग-अलग असर पड़ सकता है। जिसमें से टाटा पावर वाले इलाके में आने वाले उपभोक्ताओं को 1 प्रतिशत अधिक बिल देना पड़ सकता है। BSES में रहने वाले उपभोक्ताओं को 2.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत तक अधिक बिल देना पड़ सकता है। इसका सबसे ज्यादा असर व्यवसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। इस महीने में बिजली उपभोक्ताओं को झटका लग सकता है, क्योंकि मार्च महीने के 10 प्रतिशत बकाये की वसूली जून में ही की जाएगी। 

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