हजरत पीरकमाल शाह बाबा के 27वें उर्स में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़, कव्वाली मुकाबले ने बांधा समां

खबर सार :-
उर्स के अवसर पर आयोजित कव्वाली मुकाबला कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। देश के प्रसिद्ध कव्वालों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से देर रात तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध बनाए रखा। सूफियाना कलाम, इश्क-ए-हकीकी, इंसानियत, प्रेम और भाईचारे के संदेश से ओतप्रोत कव्वालियों ने उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया।
हजरत पीरकमाल शाह बाबा के 27वें उर्स में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़, कव्वाली मुकाबले ने बांधा समां
खबर विस्तार : -

झांसीः ललितपुर रोड स्थित नहर के पास बिजौली में हजरत पीरकमाल शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह के 27वें उर्स शरीफ एवं चादर शरीफ के अवसर पर आयोजित भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धा, आस्था और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों, क्षेत्रवासियों और विभिन्न समुदायों के लोगों ने भाग लेकर सूफी संत के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की तथा देश में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ मांगी। कव्वालों की शानदार प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने तालियों और वाह-वाह के साथ भरपूर उत्साह दिखाया।

प्रेम और भाईचारे का संदेश

आयोजन स्थल पर गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द का अनूठा नजारा देखने को मिला। विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग एक साथ उपस्थित होकर आपसी प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश देते नजर आए। कार्यक्रम के दौरान दरगाह पर चादरपोशी की गई और बाबा के दरबार में देश व समाज की खुशहाली के लिए विशेष दुआएं की गईं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित संघर्ष सेवा समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि झांसी की पहचान केवल वीरता और शौर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर सामाजिक समरसता, सांप्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की गौरवशाली परंपरा का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की धरती ने हमेशा देशभक्ति, त्याग, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया है।

डॉ. सरावगी ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। जब विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग एक मंच पर आकर प्रेम और मानवता का संदेश देते हैं, तो देश की एकता और अखंडता और अधिक मजबूत होती है। उन्होंने उपस्थित लोगों से सामाजिक सेवा, राष्ट्रहित और आपसी भाईचारे को जीवन का मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में संदीप नामदेव, अनुज प्रताप सिंह, राकेश अहिरवार, सिद्धांत गुप्ता, सुशांत गुप्ता, अनिल कुशवाहा, बसंत गुप्ता, मोहित सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। वहीं उर्स कमेटी के संरक्षक मनोज कुमार दुबे, विशिष्ट अतिथि हाजी अहमद, अध्यक्ष हरवंस लाल, उपाध्यक्ष सुबराती खान, खादिम मोहम्मद अनीस अली शाह सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कव्वाली मुकाबले में अमन अफजल शाबरी और सीबा परवीन सहित अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। उर्स कमेटी के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, कव्वालों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता के सहयोग और प्रेम के कारण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का समापन देश, प्रदेश और समाज में सुख-शांति, समृद्धि, भाईचारे और आपसी सद्भाव की दुआओं के साथ हुआ। उर्स के इस आयोजन ने एक बार फिर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक सौहार्द का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।

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