बंगाल पुलिस पर भड़कीं सागरिका घोष, अभिषेक बनर्जी के आवास पर कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रतिशोध

खबर सार :-
शनिवार सुबह कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पर पुलिस की कार्रवाई पर टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और मानसिक उत्पीड़न बताया।
बंगाल पुलिस पर भड़कीं सागरिका घोष, अभिषेक बनर्जी के आवास पर कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रतिशोध
खबर विस्तार : -

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने शनिवार तड़के डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर पुलिस की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस कदम को "राजनीतिक बदले की भावना, डराने-धमकाने और मानसिक उत्पीड़न" की कार्रवाई बताया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी एक बयान में, सागरिका घोष ने दावा किया कि शनिवार को तड़के करीब 3 बजे पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवान अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंचे। उनके अनुसार, ताले तोड़ने के लिए सुबह करीब 5 बजे आपदा प्रबंधन टीम को बुलाया गया और सुबह लगभग 6:30 बजे तलाशी अभियान शुरू हुआ, जो करीब 90 मिनट तक चला।

लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय

उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापक तलाशी अभियान के बावजूद जांच एजेंसियों को कुछ भी नहीं मिला। सागरिका ने कहा कि तलाशी रिपोर्ट में किसी भी सबूत या अनियमितता का कोई जिक्र नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने और उन पर दबाव डालने के लिए की गई थी। भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए तृणमूल सांसद ने कहा कि जो विपक्षी नेता पार्टी के दबाव के आगे झुकने से इनकार करते हैं, उन्हें सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताया।

सुमित रॉय को तलाश रही पुलिस

खबरों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी के आवास पर तलाशी अभियान पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सालबोनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में चलाया गया था। पुलिस सुमित रॉय की तलाश कर रही थी, जो अभिषेक के कार्यकारी सहायक हैं और कथित तौर पर फरार हैं। इस अभियान में पश्चिम मेदिनीपुर जिला पुलिस, कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों ने हिस्सा लिया।

हस्ताक्षर विसंगति मामले की जांच तेज

इस बीच, विधानसभा से जुड़े कथित हस्ताक्षर विसंगति मामले की जांच भी तेज हो गई है। इस मामले में, राज्य के आपराधिक जांच विभाग (CID) ने अभिषेक बनर्जी को रविवार को पूछताछ के लिए भवानी भवन स्थित अपने मुख्यालय में बुलाया है। इसी मामले के सिलसिले में तृणमूल विधायक कुणाल घोष को भी बुलाया गया है। सूत्रों का कहना है कि जांच अधिकारी दोनों नेताओं से आमने-सामने पूछताछ कर सकते हैं। गौरतलब है कि CID विधानसभा में विपक्ष से जुड़े प्रमुख पदों पर नियुक्तियों के प्रस्ताव पर कुछ तृणमूल विधायकों के हस्ताक्षरों में विसंगतियों के आरोपों की जांच कर रही है। इस मामले में पूछताछ के लिए अभिषेक बनर्जी और कुणाल घोष को बुलाया गया है।

 

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