रिचार्ज के बाद भी अंधेरे में उपभोक्ता, समाधान के लिए भटक रहे लोग

खबर सार :-
अपने बिलों का भुगतान करने या अपने प्रीपेड मीटरों में अग्रिम राशि जमा करने के बावजूद, उपभोक्ताओं की बिजली की आपूर्ति काट दी जा रही है, इसके अलावा, कुछ मामलों में तो अग्रिम भुगतान जमा करने के बाद भी, ऐप पर उनका बैलेंस माइनस में दिखाया जा रहा है। इस नई व्यवस्था ने उपभोक्ताओं के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

रिचार्ज के बाद भी अंधेरे में उपभोक्ता, समाधान के लिए भटक रहे लोग
खबर विस्तार : -

झांसीः महानगर में बिजली विभाग द्वारा लागू किया गया वर्टिकल सिस्टम और स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनता जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत हजारों उपभोक्ताओं को माइनस बैलेंस की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते कई घरों की बिजली अचानक कट गई। इससे लोगों में नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।

एडवांस रिचार्ज के बाद भी काट दी गई बिजली

उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने समय पर बिल जमा किया या प्रीपेड मीटर में एडवांस रिचार्ज कराया, इसके बावजूद उनके मीटर का बैलेंस ऐप में माइनस दिखाया जा रहा है और बिजली आपूर्ति बंद हो रही है। कई लोगों का आरोप है कि सिस्टम में तकनीकी खामी के कारण उन्हें बेवजह परेशान होना पड़ रहा है। समस्या का समाधान कराने के लिए बड़ी संख्या में लोग बिजली विभाग के अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।

शहर के मुन्नालाल पावर हाउस, जेल चौराहा, रानी महल, नंदनपुरा और सीपरी बाजार स्थित बिजली विभाग के कार्यालयों में उपभोक्ताओं की भीड़ देखी जा रही है। लोग अपनी शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन कई मामलों में उन्हें संतोषजनक जवाब या समाधान नहीं मिल पा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपलब्धता के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है।

सहायता न मिलने से बढ़ी परेशानी

माह का दूसरा शनिवार होने के कारण कई कार्यालय बंद रहे, जिससे उपभोक्ताओं को बिल काउंटर या हेल्प डेस्क पर भी कोई सहायता नहीं मिल सकी। इस वजह से लोगों की समस्याएं और ज्यादा बढ़ गईं। बताया जा रहा है कि शनिवार को शहर के करीब 3000 से अधिक प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के घरों की बिजली जीरो बैलेंस होने के कारण कट गई। इनमें से लगभग 2200 उपभोक्ताओं ने तुरंत रिचार्ज कर लिया, जिसके बाद कुछ समय में उनकी बिजली आपूर्ति बहाल हो गई।

इस पूरे मामले को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने भी बिजली विभाग के मुख्य अभियंता से बातचीत की और उपभोक्ताओं की समस्या का जल्द समाधान निकालने की मांग की। उनका कहना है कि यदि नई व्यवस्था में तकनीकी खामियां हैं तो उन्हें तुरंत दूर किया जाना चाहिए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

बिजली विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को अपने प्रीपेड मीटर का बैलेंस जांचने के लिए एक ऑनलाइन लिंक भी जारी किया गया है। इसके माध्यम से उपभोक्ता अपने वर्तमान बैलेंस और बिजली खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

उपभोक्ताओं को दी गई सलाह

इस संबंध में बिजली विभाग के राजस्व एवं बिलिंग के अधिशासी अभियंता रविंद्र कुमार का कहना है कि पूरे प्रदेश में लागू प्रीपेड मीटर व्यवस्था के तहत 13 मार्च तक के बिल की स्थिति के अनुसार बिजली आपूर्ति की गई है। जिन उपभोक्ताओं का बैलेंस माइनस में चला गया, उनकी बिजली आपूर्ति रोक दी गई। जिनका बैलेंस प्लस था, उनकी बिजली जारी है।

उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को पहले ही अलर्ट संदेश भेजे गए थे, लेकिन कई लोगों ने उन पर ध्यान नहीं दिया। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने प्रीपेड मीटर में समय-समय पर एडवांस राशि जमा करते रहें, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो। किसी भी समस्या की स्थिति में उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा विभाग ने एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया है, जिसके माध्यम से उपभोक्ता अपनी समस्या से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
 

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