श्रीगंगानगरः राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीगंगानगर के मार्गदर्शन में दिनांक 14 मार्च, 2026 को श्रीगंगानगर न्यायक्षेत्र में पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन व्यापक स्तर पर किया गया। यह कार्यक्रम जिले के प्रत्येक तालुका मुख्यालय पर भी आयोजित किया गया। जिला मुख्यालय पर बेंच की अध्यक्षता मदनगोपाल आर्य, पारिवारिक न्यायाधीश सं. 01 ने की, जबकि अन्य सदस्य कमल लोहिया, एडीजे सं. 02, रवि प्रकाश सुथार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आभा गहलोत, अति. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सं. 01, मनदीप न्यायिक मजिस्ट्रेट सं. 02, नायब तहसीलदार हरपत राम एवं अधिवक्ता उदयपाल बिश्नोई, संजय पोटलिया, रमेश सिंह, रोहताश कुमार महेन्द्रा और बनवारीलाल कड़ेला ने किया।
लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित प्रकरणों और प्री-लिटिगेशन स्तर के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया गया। कुल 26,680 प्रकरणों को बैंचों में रखा गया, जिनमें से 11,415 न्यायालयीन प्रकरण और 18,118 प्री-लिटिगेशन प्रकरण शामिल थे। राष्ट्रीय लोक अदालत में मुख्यतः राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण, एन.आई.एक्ट, धन वसूली, एमएसीटी, वैवाहिक विवाद, बैंक, विद्युत, जल, उपभोक्ता, राजस्व और अन्य सिविल प्रकरणों का समाधान समझौते के माध्यम से किया गया।
प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक और वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। भारतीय स्टेट बैंक की शाखा डूंगरसिंहपुर में पक्षकार ओमप्रकाश पुत्र सुरजा राम के 17,73,000 रुपये के ऋण को समझौता राशि 7,60,000 रुपये में तय किया गया। इसी तरह भारतीय स्टेट बैंक, शाखा यूआईटी रोड, श्रीगंगानगर में राजा राम पुत्र मोटाराम का 5,70,000 रुपये का ऋण 1,70,000 रुपये में समझौता किया गया। राजस्थान ग्रामीण बैंक, कोनी में बाबुलाल पुत्र रामप्रताप सुथार के 7,88,000 रुपये के ऋण को 3,89,000 रुपये में और भारतीय स्टेट बैंक, शाखा कालियां में चुन्नी लाल पुत्र सुरजाराम के 29,00,000 रुपये के ऋण को 17,50,000 रुपये में तय कर राहत प्रदान की गई।
इस आयोजन में कुल 6,044 न्यायालयीन प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिनका अवार्ड 11,76,41,743 रुपये रहा। वहीं प्री-लिटिगेशन के 50,414 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिनका अवार्ड 4,60,41,0975 रुपये रहा।
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश रवि प्रकाश सुथार ने लोक अदालत के सफल आयोजन पर सभी विभागों, वित्तीय संस्थाओं, अधिवक्ताओं और उपस्थित आमजन का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान हुआ और आमजन को न्याय मिलने में आसानी होगी।
राष्ट्रीय लोक अदालत ने साबित कर दिया कि उचित मार्गदर्शन, प्री-काउंसलिंग और समन्वित प्रयास से न्यायालयीन और प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण संभव है। कार्यक्रम ने आमजन में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ न्याय प्रक्रिया के प्रति विश्वास मजबूत किया।
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