UP DGP's First Press Conference : उत्तर प्रदेश पुलिस के कार्यवाहक डीजीपी के रूप में कार्यभार सँभालते ही वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण ने कानून-व्यवस्था पर अपनी प्राथमिकताओं का स्पष्ट खाका पेश कर दिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के रूप में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजीव कृष्ण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने उन्हें दुनिया के सबसे बड़े पुलिस बल का नेतृत्व करने का अवसर दिया। राजीव कृष्ण ने इसे एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बताया और कहा कि वे उत्तर प्रदेश पुलिस को उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस अपराधियों, खासकर संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। अपने पहली पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए उन्होंने यह साफ कर दिया कि राज्य सरकार की जीरो टोलरेंस की नीति को नई ऊर्जा और रणनीति के साथ लागू किया जाएगा। विशेष तौर पर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के खिलाफ। इसके साथ ही बढ़ते साइबर खतरों को रोकना उनकी प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।
राजीव कृष्ण ने बताया कि अपराध और संगठित गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा, हम जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हुए संगठित अपराधों को जड़ से खत्म करेंगे। राज्य की जनता को सुरक्षा का भरोसा देना हमारी पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस व्यवस्था में पिछले आठ सालों में बहुत सुधार हुआ है, और अब उसी दिशा में अधिक रणनीतिक, तकनीकी और मानवीय दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने सरकार की महिला सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए सशक्त निगरानी, त्वरित कार्रवाई और जन जागरूकता अभियानों की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हम महिलाओं को न केवल सुरक्षित महसूस कराएंगे, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक भी बनाएंगे।
कोविड के बाद बढ़े साइबर अपराधों को चुनौती मानते हुए, डीजीपी ने कहा कि इस दिशा में तकनीकी संसाधनों को और मजबूत किया जाएगा। हम डेटा विश्लेषण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके अपराधियों से दो कदम आगे रहना चाहते हैं।
राजीव कृष्ण ने समस्त जन शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हर शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान देने की नीति अपनाई जाएगी।
राज्य के सबसे बड़े पुलिस बल की जिम्मेदारी संभालते हुए, डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मियों के कल्याण और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रशिक्षण और संसाधनों की उपलब्धता से ही पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार संभव है।
राजीव कृष्ण ने अपने वक्तव्य में यह इशारा दिया कि उत्तर प्रदेश पुलिस अब पारंपरिक ढांचे से आगे बढ़ते हुए तकनीकी दक्षता, मानवीय दृष्टिकोण और रणनीतिक योजना अपनाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को उत्कृष्ट और समयबद्ध सेवाएं देना ही उनकी प्राथमिकता है। राज्य सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पुलिस बल कानून व्यवस्था के नए मापदंड स्थापित करेगा। यह स्पष्ट है कि डीजीपी राजीव कृष्ण की नियुक्ति के साथ यूपी पुलिस एक नई कार्यशैली की ओर बढ़ रही है, जहां अपराध के लिए कोई स्थान नहीं और नागरिक सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
डीजीपी राजीव कृष्ण राज्य की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक 10 सूत्रीय योजना पर काम करने की प्रतिबद्धता जताई -
1. अपराध व अपराधियों के खिलाफ जीरो सहिष्णुता की नीति
2. महिलाओं का सशक्तिकरण और संरक्षण
3. जन शिकायत निवारण- जन शिकायतों का सफल समाधान हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता होगी।
4. कानून और व्यवस्था बनाए रखना
5. साइबर अपराध का मुकाबला करना
6. बेहतर पुलिस सेवाएँ
7. पुलिस कल्याण पर ध्यान
8. प्रतिभा और विशेषज्ञता का उपयोग
9. प्रौद्योगिकी और एआई का लाभ उठाना
10. निरंतर प्रशिक्षण ही एकमात्र आधार है, जिस पर किसी भी संगठन की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।
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