दिल्ली में ईडी की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों की नकदी, सोना और दस्तावेज जब्त

खबर सार :-
दिल्ली में ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाती है। करोड़ों की नकदी, गहने और दस्तावेजों की बरामदगी से यह साफ है कि जांच एजेंसी पूरे नेटवर्क को उजागर करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले दिनों में और खुलासों की संभावना है।

दिल्ली में ईडी की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों की नकदी, सोना और दस्तावेज जब्त
खबर विस्तार : -

ED Big Action: नई दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में व्यापक तलाशी अभियान चलाकर करोड़ों रुपये की नकदी, सोना-हीरे के गहने और संपत्तियों से जुड़े अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। यह कार्रवाई दक्षिण दिल्ली के सर्वप्रिय विहार से शुरू होकर वेस्टएंड ग्रीन फार्म्स तक फैली है, जिससे जांच का दायरा और गंभीरता दोनों स्पष्ट होती हैं।

सर्वप्रिय विहार में पहली बड़ी बरामदगी

ईडी ने सर्वप्रिय विहार में तलाशी के दौरान 5.12 करोड़ रुपये नकद, लगभग 8.8 करोड़ रुपये मूल्य के सोने और हीरे के गहने तथा करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्ति से संबंधित दस्तावेज जब्त किए थे। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत की गई।

सुनील गुप्ता के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन

इसके बाद ईडी ने वेस्टएंड ग्रीन फार्म्स में सुनील गुप्ता के आवास और फार्महाउस पर भी तलाशी अभियान शुरू किया। यह सर्च 30 दिसंबर को शुरू हुआ, जो अभी भी जारी है। यहां से अब तक 1.22 करोड़ रुपये नकद और लगभग 8.50 करोड़ रुपये के गहने बरामद किए जा चुके हैं।

लेन-देन और अपराध की आय छिपाने का आरोप

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सुनील गुप्ता ने पहले अमन कुमार को ऋण दिया था। अमन कुमार को इंदरजीत सिंह यादव का सहयोगी बताया जा रहा है। ईडी का आरोप है कि जांच शुरू होने के बाद अमन कुमार ने बड़ी रकम सुनील गुप्ता को ट्रांसफर कर अपराध की आय को छिपाने की कोशिश की।

इंदरजीत सिंह यादव और नेटवर्क पर जांच

ईडी ने बताया कि यह जांच इंदरजीत सिंह यादव, उसके सहयोगियों, अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और उससे जुड़ी अन्य संस्थाओं व व्यक्तियों के खिलाफ की जा रही है। इंदरजीत सिंह यादव पर अवैध वसूली, निजी फाइनेंसरों से जबरन ऋण निपटान, हथियारों के दम पर धमकी देने और इन गतिविधियों से कमीशन कमाने जैसे गंभीर आरोप हैं।

कई एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर जांच

यह मामला हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 से अधिक एफआईआर और दाखिल चार्जशीटों पर आधारित है। ये मामले शस्त्र अधिनियम 1959, बीएनएस 2023 और भारतीय दंड संहिता 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं। 30 दिसंबर को अमन कुमार से जुड़े एक अन्य ठिकाने पर भी ईडी को बड़ी सफलता मिली थी।

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