Sultanpur: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत परिणय सूत्र में बंधे 108 जोड़े

खबर सार :-
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सुल्तानपुर में एक भव्य समारोह का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में  पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक विनोद सिंह मौजूद रहे। सामूहिक विवाह में 108 जोड़े  वैवाहिक बंधन में बंधे। योजना के मिलने वाली सहायता भी सभी को प्रदान की गई।

Sultanpur: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत परिणय सूत्र में बंधे 108 जोड़े
खबर विस्तार : -

सुल्तानपुर: विकास खंड धनपतगंज परिसर में आज मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत एक भव्य समारोह का आयोजन संपन्न हुआ। इस गरिमामय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक विनोद सिंह रहे। उनके साथ ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि त्रिनेत्र पांडेय, खंड विकास अधिकारी श्रीमती दिव्या सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित सिंह तथा एडीओ समाज कल्याण विपिन यादव की देखरेख में आयोजन सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराया गया।

वैदिक मंत्रों से गूंजा वातावरण

वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूर्ण विधि-विधान के साथ कुल 108 जोड़े पवित्र अग्नि के समक्ष सप्तपदी लेकर वैवाहिक बंधन में बंधे। मंडप में “सप्तपदी भव, सौभाग्यवती भव, आयुष्मान भव” जैसे मंगल मंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और उल्लास से भर उठा। वर-वधुओं के साथ आए माता-पिता एवं परिजनों ने नवदम्पतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय दांपत्य जीवन की कामना की।

मुख्य अतिथि विधायक विनोद सिंह ने नवविवाहित जोड़ों पर पुष्पवर्षा कर उन्हें आशीर्वाद दिया और कहा कि विवाह केवल एक सामाजिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जन्म-जन्मांतर का पवित्र बंधन है। उन्होंने वर पक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में नारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। पति-पत्नी को परस्पर सम्मान, समझ और विश्वास के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ना चाहिए तथा सुख-दुख में एक-दूसरे का संबल बनना चाहिए।

विधायक ने व्यक्त किया सीएम का आभार

विधायक ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान सिद्ध हो रही है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्रत्येक वधू के बैंक खाते में ₹60,000 की धनराशि भेजी जाती है, साथ ही लगभग ₹25,000 मूल्य का घरेलू उपयोगी सामान भी प्रदान किया जाता है, जिससे नवदम्पतियों को नए जीवन की शुरुआत में सहायता मिलती है।

आयोजन स्थल पर बैठने, पेयजल, चाय-मिष्ठान एवं भोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था की गई थी। विवाह उपरांत बारातियों और परिजनों को सम्मानपूर्वक भोजन कराया गया तथा कुछ लोगों को भोजन पैकेट भी वितरित किए गए। उपस्थित लोगों ने व्यवस्थाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि इतनी सुव्यवस्थित और गरिमामय सामूहिक विवाह व्यवस्था उन्होंने पहले कभी नहीं देखी।

कई अभिभावकों ने भावुक होकर प्रसन्नता व्यक्त की कि उनकी बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न हुआ। समूचा परिसर “मंगलम् भगवान विष्णुः, मंगलम् गरुड़ध्वजः” के पावन मंत्रों के साथ नवदम्पतियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं से गुंजायमान रहा।

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