झुंझुनूः अरावली पर्वतमालाओं की गोद में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल शाकंभरी सकराय धाम में 23 व 24 फरवरी 2026 को दो दिवसीय भव्य फागण महोत्सव का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ किया जाएगा। यह आयोजन मां शाकंभरी सेवा समिति, सकरायधाम (रजी.) के तत्वावधान में होगा। महोत्सव को लेकर समिति एवं श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।
समिति के संदीप रामूका ने बताया कि 23 फरवरी (सप्तमी) को प्रातः से ही धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। सकरायधाम मंदिर परिसर में मंगल पाठ वाचक सुरेश जोशी (सूरत) एवं पूनम चोपड़ा (सूरत) द्वारा भव्य मंगलपाठ किया जाएगा। इसके साथ ही चुनरी उत्सव, मेहंदी उत्सव, मैया का खजाना और महाप्रसाद जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक विद्युत सजावट से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे पूरे धाम में भक्तिमय वातावरण निर्मित होगा।
24 फरवरी (अष्टमी) को महोत्सव का मुख्य आकर्षण विशाल पैदल ध्वज एवं निशान यात्रा रहेगी। उदयपुरवाटी की जांगिड़ कॉलोनी से सकरायधाम तक श्रद्धालु मैया के जयकारों के साथ ढोल-नगाड़ों और सजे-धजे रथ के साथ पैदल यात्रा निकालेंगे। श्रद्धालु नाचते-गाते और भक्ति गीतों पर झूमते हुए मां के दरबार पहुंचेंगे। इस दौरान 101 निशान मां शाकंभरी के चरणों में अर्पित किए जाएंगे।
यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं का पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया जाएगा। भजन गायक राजवर्धन सुथार (अहमदाबाद) एंड टीम द्वारा लाइव भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी, जिससे यात्रा का वातावरण और अधिक भक्तिमय बनेगा। समिति के सदस्य सुशील रामूका ने बताया कि निशानों की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग लेंगे।
महोत्सव के अवसर पर भंडारे और महाप्रसाद का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करेंगे। समिति की कोर कमेटी के अनुसार 24 फरवरी की शाम 6 बजे से चंग धमाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान राजू तिवाड़ी एंड पार्टी (फतेहपुर) द्वारा राजस्थानी भजनों और धमाल की प्रस्तुति दी जाएगी। साथ ही भक्तों के बीच रंग-बिरंगे फूलों की होली खेली जाएगी, जो फागण उत्सव की परंपरा को जीवंत करेगी।
समिति का कहना है कि इस वर्ष भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सकरायधाम पहुंचकर महोत्सव में भाग लेंगे। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करना, समाज में एकता और सद्भाव का संदेश देना तथा भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करना है। सकरायधाम में आयोजित यह फागण महोत्सव क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक आयोजन माना जाता है, जो हर वर्ष श्रद्धालुओं को भक्ति और उल्लास से सराबोर कर देता है।
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