विश्व हिंदू महासंघ किन्नर प्रकोष्ठ की क्षेत्रीय महामंत्री बनने पर माँ किरन नंदगिरी का भव्य स्वागत

खबर सार :-
विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश किन्नर प्रकोष्ठ में क्षेत्रीय महामंत्री बनाए जाने पर उपस्थित लोगों ने माँ किरन नंदगिरी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। क्षेत्र के लोगों ने उनके सामाजिक और धार्मिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक मजबूत होगा तथा समाज सेवा के कार्यों को नई दिशा मिलेगी।

विश्व हिंदू महासंघ किन्नर प्रकोष्ठ की क्षेत्रीय महामंत्री बनने पर माँ किरन नंदगिरी का भव्य स्वागत
खबर विस्तार : -

सोनभद्र: जनपद के दुद्धी क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। कथा स्थल पर सनातनी किन्नर अखाड़े एवं विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश किन्नर प्रकोष्ठ की नवनियुक्त क्षेत्रीय महामंत्री महामंडलेश्वर माँ किरण नंदगिरी के आगमन पर श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान पूरा कथा पंडाल जय श्रीराम और हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंज उठा।

 एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश 

ग्रामवासियों, नगरवासियों और श्रद्धालुओं ने माँ किरन नंदगिरी से आशीर्वाद प्राप्त कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। कथा स्थल पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही। श्रद्धालुओं ने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया और धर्म तथा संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

इस अवसर पर माँ किरन नंदगिरी ने सनातन धर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को जोड़ने और संस्कृति को मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी मिलकर धर्म, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों की रक्षा के लिए कार्य करें।

उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता, सेवा और सद्भाव का संदेश देता है। समाज में बढ़ती दूरियों को खत्म कर भाईचारे की भावना मजबूत करना समय की जरूरत है। उनके संबोधन को उपस्थित श्रद्धालुओं ने काफी सराहा।

कार्यक्रम में कई सामाजिक, धार्मिक और क्षेत्रीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पर भक्ति भाव से हिस्सा लिया और धर्मिक वातावरण का आनंद उठाया। आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का उद्देश्य लोगों को धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है।

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कथा स्थल पर भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों के बीच भक्तों ने आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। कार्यक्रम का समापन समाज में प्रेम, सद्भाव और धर्म के मार्ग पर चलने के संदेश के साथ हुआ।

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