DIG Inspection Rampur : मुरादाबाद परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) मुनिराज ने रामपुर जिले में विभिन्न पुलिस कार्यालयों का वार्षिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने जिले के एकीकृत कमांड रूम 112, पुलिस कार्यालय और किला स्थित स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) का बारीकी से अवलोकन किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिस कार्यों की प्रभावशीलता, पारदर्शिता, और जनता के प्रति पुलिस सेवाओं के स्तर को बेहतर बनाना था। निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए और सुधारात्मक कार्यवाही के लिए पुलिसकर्मियों को प्रेरित किया।
डीआईजी मुनिराज ने सबसे पहले जिले के एकीकृत कमांड रूम और आरओआईपी 112 कार्यालय का निरीक्षण किया। यह कार्यालय पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ा हुआ है, जहां से पुलिस सेवाओं के लिए दी जाने वाली निर्देशों की निगरानी की जाती है। उन्होंने कंट्रोल सेंटर और डायल-112 की कार्यप्रणाली का गहन निरीक्षण किया और अधिकारियों से जानकारी ली कि किस प्रकार कॉल रिस्पांस टाइम को और कम किया जा सकता है। डीआईजी ने कंट्रोल रुम प्रभारी को निर्देश दिए कि पुलिस ड्यूटियों को मुस्तैद रखना और जनता को समय पर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, उन्होंने सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया और जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों और चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया कि सभी प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि अपराधों की रोकथाम में मदद मिल सके। साथ ही, डीआईजी ने कहा कि यह जरूरी है कि सीसीटीवी की निगरानी त्वरित और प्रभावी हो, खासकर भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर।
इसके साथ ही, उन्होंने डायल-112 पर आने वाली सूचनाओं के फीडबैक को महत्वपूर्ण बताया और पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि पीड़ितों से फीडबैक लिया जाए, ताकि उन्हें बेहतर सेवाएं मिल सकें।

इसके बाद, डीआईजी ने पुलिस कार्यालय का निरीक्षण किया और गार्ड सलामी ली। पुलिस कार्यालय का निरीक्षण करते हुए उन्होंने विभिन्न शाखाओं का बारीकी से अवलोकन किया। इसमें आईजीआरएस शाखा, प्रधान लिपिक शाखा, रिट सेल, अपराध शाखा, पासपोर्ट शाखा और आंकिक शाखा जैसी महत्वपूर्ण शाखाओं का शामिल था। डीआईजी ने इन शाखाओं में अभिलेखों की स्थिति, दस्तावेजों की सुरक्षा, लंबित प्रकरणों की स्थिति और समग्र कार्यालय स्वच्छता का परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अभिलेखों की सही तरीके से रख-रखाव और अद्यतन किया जाना आवश्यक है। किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर तुरंत सुधारात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने शाखाओं में कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए। डीआईजी ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसंतोष पुलिस प्रशासन की सफलता का एक अहम पैमाना है, और इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करना चाहिए।

रामपुर जिले के किला स्थित स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) का निरीक्षण भी डीआईजी के दौरे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। इस इकाई में विशेष रूप से पुलिस के खुफिया मामलों को देखा और नियंत्रित किया जाता है। डीआईजी ने इस इकाई में रखे गए अभिलेखों का गहन अवलोकन किया और उनके रख-रखाव की स्थिति का मूल्यांकन किया। डीआईजी ने स्थानीय अभिसूचना इकाई के रजिस्टरों में अंकित प्रविष्टियों को जांचते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन अभिलेखों का सुव्यवस्थित रख-रखाव किया जाए और हर रजिस्टर को साफ-सुथरा रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इन अभिलेखों के सही तरीके से रखे जाने से खुफिया जानकारी और पुलिस की कार्यक्षमता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ ही, डीआईजी ने यह भी कहा कि स्थानीय अभिसूचना इकाई को अपने काम में अधिक सक्रिय और सचेत रहने की आवश्यकता है, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में खुफिया जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सके।
डीआईजी मुनिराज ने पुलिस कार्यों के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिए, जिनका उद्देश्य पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना था। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शासन की प्राथमिकताओं के अनुसार कार्य करें और अपने दायित्वों का पालन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें। उन्होंने पुलिस कर्मियों से कहा कि जनता को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिक उद्देश्य होना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक पुलिसकर्मी को अपने काम को पूरी तत्परता और समर्पण से करना चाहिए। डीआईजी मुनिराज का यह वार्षिक निरीक्षण रामपुर जिले में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को सुधारने और जनता के प्रति पुलिस सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने अपने निरीक्षण में जिन सुधारात्मक दिशा-निर्देशों की बात की, उनसे न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली में सुधार होगा, बल्कि जनसंतोष भी बढ़ेगा। यह निरीक्षण यह स्पष्ट करता है कि पुलिस प्रशासन को प्रभावी बनाने के लिए निरंतर निगरानी और सुधारात्मक उपायों की आवश्यकता होती है, और मुरादाबाद परिक्षेत्र की पुलिस इस दिशा में सख्त कदम उठा रही है।
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