शाहजहांपुर : गंगा तट पर आयोजित होने वाले माघ मेला ढाईघाट को इस बार पहले से अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-हितैषी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में शाहजहांपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने फर्रुखाबाद के जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के साथ मेला स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की संयुक्त समीक्षा की। दोनों जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने मेला क्षेत्र का भ्रमण कर हर छोटे-बड़े पहलू पर विस्तार से चर्चा की और संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि माघ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि मेला क्षेत्र में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुगम आवागमन, बेहतर मूलभूत सुविधाएं और पूर्ण सुरक्षा का अनुभव हो। इसी उद्देश्य से घाटों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग मार्ग तय किए गए हैं। बाजार क्षेत्र में पैदल श्रद्धालुओं के लिए सुचारू रास्ते बनाए गए हैं, जबकि आम नागरिकों के लिए बाईपास मार्ग और विशिष्ट अतिथियों के लिए अलग वीआईपी रूट निर्धारित किया गया है, ताकि भीड़ प्रबंधन प्रभावी ढंग से किया जा सके।
श्रद्धालुओं, साधु-संतों और कल्पवासियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मेला परिसर में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में हैंडपंप और नल लगाए जा रहे हैं। रात्रिकालीन सुरक्षा और सुविधा के लिए पूरे क्षेत्र में व्यापक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसके अलावा अस्थायी शौचालय, स्नान के बाद वस्त्र परिवर्तन के लिए चेंजिंग रूम, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एंबुलेंस सेवा, पशु चिकित्सा सुविधा तथा खोया-पाया केंद्र की स्थापना भी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। गंगा में स्नान के दौरान किसी भी अनहोनी से बचाव के लिए प्रशिक्षित गोताखोरों की 24 घंटे तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही रिवर पुलिस, स्टीमर, वॉच टावर, मेला कोतवाली और कई पुलिस चौकियां स्थापित की जा रही हैं। पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी। यातायात व्यवस्था और पार्किंग को भी इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। इन दिनों सुरक्षा, स्वच्छता और सेवाओं की विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो। अंत में जिलाधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, स्वच्छता बनाए रखें और मेला संचालन में सहयोग करें। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से माघ मेला ढाईघाट 2025–26 न केवल शांतिपूर्ण और सुरक्षित रहेगा, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक सुख और संतोष का अनुभव भी कराएगा।
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