लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुधवार को विधानसभा में राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट (UP Budget Session 2026 Live) पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा पेश किया गया यह बजट 9,12,696.35 करोड़ रुपये का है। पिछले साल की तुलना में इस बार बजट के आकार में करीब 12.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। चुनाव से पहले योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह आखिरी पूर्ण बजट कई मायनों में अहम माना जा रहा है। सरकार ने इस बजट के जरिए न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की कोशिश की है, बल्कि युवाओं, महिलाओं और किसानों को साधने के लिए भी खजाना खोल दिया है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने युवाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 10 लाख युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही, तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए 40 लाख छात्र-छात्राओं को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन बांटे जाएंगे। इसके लिए सरकार ने 2,374 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रदेश के 163 केंद्रों पर 23 हजार से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग भी दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य युवाओं को सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए तैयार करना है।
योगी सरकार ने अपने इस बजट में सामाजिक सरोकारों और बुनियादी सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसके तहत शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए खजाने का बड़ा हिस्सा आवंटित किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार ने कुल बजट का 12.4 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षित किया है, ताकि प्रदेश की शैक्षणिक व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाया जा सके। वहीं, चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए कुल बजट का 6 प्रतिशत हिस्सा आवंटित किया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुँचाने के संकल्प के साथ प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये की बड़ी राशि दी गई है। इसके साथ ही, राजधानी लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान की सुविधाओं में विस्तार के लिए 315 करोड़ रुपये का विशेष फंड भी प्रदान किया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सुधारों पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि साल 2017 के मुकाबले प्रदेश में एमबीबीएस की सीटों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। जहां पहले सीटों की संख्या मात्र 4,540 थी, वह अब बढ़कर 12,800 तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा न केवल चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को दर्शाता है, बल्कि आने वाले समय में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में होने वाले बड़े सकारात्मक बदलाव का भी संकेत देता है।
प्रदेश में सुरक्षा के माहौल को और बेहतर करने के लिए पुलिस विभाग को भारी भरकम फंड दिया गया है। पुलिसकर्मियों के रहने के लिए आवासीय भवनों और कार्यालयों के निर्माण हेतु करीब 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं, अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने आंकड़ों के जरिए बताया कि 2016 की तुलना में अपराधों में भारी गिरावट आई है। डकैती में 89% और हत्या के मामलों में 47% की कमी का दावा किया गया है। खेती-किसानी के लिए बजट का 9 प्रतिशत हिस्सा रखा गया है। सरकार अब डीजल पंपों को हटाकर सोलर पंप लगाने पर जोर दे रही है। इसके साथ ही, बिजली उत्पादन के मामले में भी प्रदेश लंबी छलांग लगा रहा है। राज्य में तापीय ऊर्जा के साथ-साथ सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर भी तेजी से काम हो रहा है।
यूपी को गारमेंटिंग हब (कपड़ा उद्योग का केंद्र) बनाने के लिए हथकरघा और टेक्सटाइल सेक्टर को 5,041 करोड़ रुपये दिए गए हैं। पीएम मित्रा पार्क योजना के तहत मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिससे 30,000 नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने 2026-27 के बजट के जरिए प्रदेश को आर्थिक शक्ति बनाने का जो खाका खींचा है, उसमें कृषि और तकनीक का अद्भुत संगम दिखाई देता है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में गर्व के साथ घोषणा की कि उत्तर प्रदेश आज कृषि उत्पादन के मामले में देश का सिरमौर राज्य बन चुका है। गेहूं, धान और गन्ना जैसी मुख्य फसलों से लेकर आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा के उत्पादन में यूपी राष्ट्रीय स्तर पर पहले पायदान पर है। यह सफलता प्रदेश के करोड़ों किसानों की मेहनत और सरकार की नीतियों का ही परिणाम है, जिसने यूपी को देश की 'फूड बास्केट' के रूप में स्थापित कर दिया है। खेती-किसानी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश अब आधुनिक तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग का भी सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। वित्त मंत्री ने बताया कि यूपी अब देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) हब बन गया है। आज देश में बनने वाले कुल मोबाइल फोन का 65 प्रतिशत हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा है। इतना ही नहीं, भारत की लगभग 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां भी इसी प्रदेश में काम कर रही हैं। उत्तर प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी नई ऊंचाइयों को छूते हुए 44,744 करोड़ रुपये के प्रभावशाली आंकड़े तक पहुंच गया है।
कन्या सुमंगला/विवाह: लड़कियों की शादी के लिए सरकार 1 लाख रुपये की सहायता देगी।
सड़क और सेतु: सड़कों के जाल को बिछाने के लिए 34,468 करोड़ रुपये का प्रावधान।
अयोध्या: रामनगरी में नई योजनाओं के लिए 100 करोड़ रुपये।
प्रति व्यक्ति आय: यूपी में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई है।
योगी सरकार का यह 10वां बजट विकास और विश्वास के संतुलन पर टिका नजर आता है। जहां एक तरफ कानून व्यवस्था को और सख्त करने की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी ढांचे और युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए बड़े निवेश की योजना बनाई गई है।
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