शाहजहांपुरः जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने जनपद के सभी ईंट भट्ठा स्वामियों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि विनियमन शुल्क (Regulating Fees) अग्रिम रूप से जमा किए बिना किसी भी ईंट भट्ठे का संचालन अनुमति योग्य नहीं होगा। उन्होंने बताया कि भूतत्व एवं खनिकर्म अनुभाग, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार ईंट भट्ठा सत्र 2025–26 के लिए यह शुल्क अनिवार्य कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि जिन ईंट भट्ठा स्वामियों द्वारा अब तक विनियमन शुल्क जमा नहीं किया गया है, वे एक सप्ताह के भीतर शुल्क जमा करना सुनिश्चित करें। निर्धारित समयावधि के बाद बिना शुल्क जमा किए संचालित पाए जाने वाले ईंट भट्ठों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे भट्ठों का संचालन तत्काल बंद कराया जाएगा और इसके लिए संबंधित भट्ठा स्वामी स्वयं जिम्मेदार होगा।
उन्होंने कहा कि शुल्क जमा किए बिना संचालन कर रहे ईंट भट्ठों को नियमों का उल्लंघन मानते हुए दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी भट्ठा स्वामियों से शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और समय से शुल्क जमा कर प्रशासनिक कार्यवाही से बचने की अपील की।
अन्य प्रमुख खबरें
Ayodhya: राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश से मचा हड़कंप, हिरासत में लिया गया कश्मीरी शख्स
खेती के मौसम में मनरेगा पर बड़ा फैसला, 125 दिन काम की गारंटी: ओम प्रकाश राजभर
शेयर ट्रेडिंग के घाटे ने बनाया क्रिमिनल, बेटे ने परिवार के खिलाफ ही रच दी साजिश
Jhansi: महिला टैक्सी ड्राइवर की हत्या का आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार
नगर निगम एवं सरकार की उपलब्धियां जन-जन तक पहुंचाने का महापौर ने किया आह्वान
Weather Update: दिल्ली-NCR में कड़ाके की ठंड और कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, AQI फिर 400 के पार
मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुई मण्डलीय निर्यात समिति की बैठक, कई मुद्दों पर हुई चर्चा
महापौर ने दिया स्वच्छता का संदेश, रामनगरी को समर्पित किए दो सुलभ शौचालय
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से बदली कारीगरों की तक़दीर, 400 लाभार्थियों को मिला स्वरोज़गार का संबल
आस्था के दायरे में सख्ती: अयोध्या में राम मंदिर क्षेत्र के आसपास नॉनवेज डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध
हर तहसील और ब्लॉक में बनेगा स्थाई हेलीपैड, वीआईपी दौरों के लिए खत्म होगी अस्थायी व्यवस्था की मजबूरी
अंग्रेजी साहित्य परिषद द्वारा डिजिटल कैनवास पर साहित्यिक अभिव्यक्ति कार्यक्रम आयोजित
जनसुनवाई में संवेदनशील पहल, बीमार बालिका के इलाज को मिला 1.25 लाख का सहारा