Sri Ganganagar: “स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवनशैली” पर भव्य संगोष्ठी का सफल आयोजन

खबर सार :-
श्रीगंगानगर में स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ ग्राम और स्वस्थ राष्ट्र के पावन लक्ष्य को साकार करने के उद्देश्य से आरोग्य भारती द्वारा सोमवार को राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, श्रीगंगानगर में “स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवनशैली” विषय पर प्रेरणादायी संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

Sri Ganganagar: “स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवनशैली” पर भव्य संगोष्ठी का सफल आयोजन
खबर विस्तार : -

श्रीगंगानगर : आरोग्य भारती (जोधपुर प्रांत) द्वारा “स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवनशैली” विषय पर एक प्रेरणादायक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य “स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ ग्राम एवं स्वस्थ राष्ट्र” के पवित्र ध्येय को साकार करना था। यह संगोष्ठी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में सोमवार को आयोजित की गई, जिसमें चिकित्सकों, मेडिकल विद्यार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

सही जीवनशैली अपने का आग्रह

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. पी. के. बेरवाल ने की। मुख्य वक्ता और उत्तर-पश्चिम क्षेत्र संयोजक संजीवन कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग और मानसिक स्वास्थ्य को जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सही जीवनशैली अपनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। साथ ही समाज को नशामुक्ति, स्वच्छता और सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करना भी आज की जरूरत है।

मुख्य अतिथि सुखपाल सिंह बराड़ ने अपने संबोधन में लाइफस्टाइल रोगों की बढ़ती चिंता पर प्रकाश डाला और जागरूकता फैलाने की आवश्यकता बताई। विशिष्ट अतिथि के रूप में रूकमानंद गोयल (विभाग संयोजक) और डॉ. संजीव चुघ (प्रांत उपाध्यक्ष, आरोग्य भारती) ने भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व को रेखांकित किया।

आयोजकों का व्यक्त किया आभार

संगोष्ठी में स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई और प्रतिभागियों को व्यावहारिक सुझाव भी दिए गए। उन्होंने बताया कि कैसे दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करके स्वास्थ्य सुधार और रोगों से बचाव संभव है।

कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष राजकुमार पारीक और जिला उपाध्यक्ष शिविन्द्रपाल सिंह ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया। इस संगोष्ठी ने न केवल जागरूकता बढ़ाई, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में स्वास्थ्य-संबंधी आदर्शों को बढ़ावा देने की प्रेरणा भी दी। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुधार समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और जागरूकता एवं प्रशिक्षण इसके लिए पहला कदम है।
 

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