Lucknow News: यूपीएससी का पेपर खराब होने के कारण छात्र ने दी जान

खबर सार :-
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यूपीएससी के एक छात्र ने गोमती नदी में कुदकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
Lucknow News: यूपीएससी का पेपर खराब होने के कारण छात्र ने दी जान
खबर विस्तार : -

 Lucknow News: राजधानी लखनऊ में सोमवार की सुबह एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक छात्र यूपीएससी का पेपर देकर घर लौट रहा था, लेकिन बीच रास्ते में ही उसने गोमती नदी में छलांग लगा दी। जिससे उसकी मौत हो गई। पुल से करीब 100 मीटर दूर छात्र का शव मिलने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि छात्र का पेपर संतोषजनक नहीं हुआ था। 

 नदी में कुदकर छात्र ने दी जान

 यूपीएससी का पेपर देकर लौट रहे एक युवक ने नदी में कुदकर जान दे दी। जानकारी के मुताबिक छात्र यूपीएससी के एग्जाम को लेकर काफी प्रेशर में था। छात्र की मां ने बताया कि पेपर अच्छा नहीं गया था, जिस पर उसकी मां ने उसे काफी समझाया था और कहा, कोई बात नहीं अगली परीक्षा पर ध्यान देना, लेकिन बावजूद इसके इतना समझाने के बाद भी छात्र ने ये घातक कदम उठा लिया। राजकीय हुसैनाबाद इंटर कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल सुष्मलता के बेटे प्रखर पाल सोमवार की सुबह यूपीएससी का पेपर देने गया था। घटना की सूचना मिलते ही मां सुष्मलता घाट पर पहुंची। बेटे का शव देखकर उनका बुरा हाल हो गया। प्रखर के पिता की कुछ साल पहले ही मौत हो चुकी है। 

प्रत्यक्षदर्शियों ने दी घटना की जानकारी

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना स्थल पर एक स्कूटी खड़ी थी। इसके कुछ समय बाद ही एक युवक ने गोमती नदी में छलांग लगा दिया। लोग जब तक कुछ समझ पाते तब तक काफी देर हो चुकी थी। लोगों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस की टीम और गोताखोर युवक की तलाश में जुट गई। प्रखर ने जिस जगह से छलांग लगाई थी, उसके ठीक सामने हुसैनाबाद इंटर कॉलेज है। स्कूटी के डिग्गी से उसके कपड़े और हेलमेट मिले हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट

भारत में कंपटीशन एग्जाम की तैयारी करने वाले छात्रों की आत्महत्या करने की घटनाएं काफी चिंताजनक है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक 2022 के आंकड़ों से पता चला है कि भारत में हर साल 13,000 छात्र आत्महत्या करते हैं। हांलाकि 2023-24 के आंकड़ें अभी जारी नहीं हुए हैं, लेकिन देश में आत्महत्या करने वाले कुल छात्रों की संख्या 7.6 फीसदी दर्ज की गई है।

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