Hanumangarh Krishi Mela 2026 : पंचगौरव उन्नत कृषि तकनीकी मेले का आगाज, किसानों में दिखा उत्साह, उमड़ी भारी भीड़

खबर सार :-
Hanumangarh Krishi Mela 2026 : हनुमानगढ़ में 'अन्नदाता से अन्नपूर्णा तक' थीम पर तीन दिवसीय भव्य कृषि मेला 2026 का शुभारंभ हुआ। आधुनिक तकनीक, जैविक खेती और मन्नत नूर के संगीतमय सफर की विस्तृत रिपोर्ट।

Hanumangarh Krishi Mela 2026 : पंचगौरव  उन्नत कृषि तकनीकी मेले का आगाज, किसानों में दिखा उत्साह, उमड़ी भारी भीड़
खबर विस्तार : -

श्रीगंगानगर : हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर भव्य कृषि मेले (Hanumangarh Krishi Mela 2026) का शनिवार को रंगारंग शुभारंभ कार्यक्रम से आगाज हुआ। मेले में उमड़ी भीड़ कृषकों के उत्साह को बयां कर रही थी। जिला प्रशासन हनुमानगढ़, एमएसएमई एवं खुशालदास विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 'पंच गौरव अन्नदाता से अन्नपूर्णा तक का समृद्धि पथ' थीम पर तीन दिवसीय कृषि मेला 21 से 23 फरवरी तक सूरतगढ़ रोड़ स्थित खुशाल दास विश्वविद्यालय में आयोजित हो रहा।

Hanumangarh Krishi Mela 2026 : किसानों की दशा और दिशा दोनों बदलेगा

राजस्थान की राजीविका से जुड़ी महिलाओं को भी प्रोत्साहन स्वरूप निःशुल्क स्थान प्रदान किया गया है। विश्वास जताया  जा रहा कि यह मेला किसानों की दशा और दिशा दोनों बदलेगा। प्रदेश महामंत्री भाजपा कैलाश मेघवाल ने कहा कि सरकार किसान कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है और ऐसे नवाचार उन्नत खेती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यह कृषि मेला जिले के किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा। किसानों का अनुभव एवं वैज्ञानिकों की तकनीक अगर साथ आ जाए तो किसान क्रांति ला सकता है। जिला कलेक्टर डाॅ. खुशाल यादव ने बताया कि गत वर्ष शुरू किए गए नवाचारों को इस बार और व्यापक रूप दिया गया है। कृषि प्रधान जिले में किसानों की आय वृद्धि के लिए देशभर के कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में मंथन किया जाएगा। मेले की थीम “अन्नदाता से अन्नपूर्णा” है, जिसका उद्देश्य किसान को आधुनिक तकनीक एवं पद्धतियों से जोड़कर समृद्ध बनाना है।

हनुमानगढ़ जिले में शुरू यह मेला ऐतिहासिक पहल: निहालचंद मेघवाल

सूक्ष्म एवं लघु उद्योग भी इस आयोजन से समग्र रूप से जुड़ेंगे, जिससे पूरे जिले को लाभ होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष निहालचंद मेघवाल ने कहा कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में शुरू हुई यह पहल ऐतिहासिक है। तीन दिवसीय मेले में वैज्ञानिक किसानों को उत्पादन बढ़ाने और समृद्धि के उपायों पर मार्गदर्शन देंगे। उन्होंने इस भव्य आयोजन की सराहना की। महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रो. मनोज कुमार दीक्षित ने कहा कि हनुमानगढ़ जिला कृषि प्रधान है और एसकेडी यूनिवर्सिटी कृषि के क्षेत्र में नवाचारों के माध्यम से सफलता का सोपान तय कर रही है। आधुनिक खेती को पशुपालन से जोड़कर समग्र विकास की दिशा में कार्य करना समय की आवश्यकता है।

मेले में तकनीकि सीख कर किसान आत्मनिर्भर बनेंगेः भाजपा नेता अमित

भाजपा नेता अमित ने कहा कि मेले में उन्नत एवं जैविक खेती की नवीन तकनीकों को सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे किसान आत्मनिर्भर बन सकेंगे। प्रत्येक व्यक्ति आजकल गुणवत्ता चाहता है, इसलिए किसान साथी केमिकल मुक्त तथा नेचुरल खेती पर ध्यान केंद्रित करें। राजस्थान में डबल इंजन की सरकार है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। गुरु गोविन्द सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट उपाध्यक्ष कृष्णा यादव ने कहा कि कृषक साथी लैब की किस्मों को भूमि पर लाए। यह मेला किसानों की आय को दुगनी करने में अहम भूमिका निभाएगा। विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों, उत्पादकों, नवाचारों सहित 400 से अधिक स्टार्टअप की कंपनियां कृषि मेले में शामिल हुई है। जिनसे कृषक लाभान्वित होगा। उन्होंने कृषकों से कृषक वैज्ञानिक संवाद के प्रत्येक सेशन में उपस्थित रहने का आग्रह किया ताकि वो लाभांवित हो सके।पूर्व विधायक कृष्ण कड़वा ने कहा कि श्री खुशालदास विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में भी निरंतर नवाचार कर रहा है।

किसान फसलों पर अनावश्यक रूप से रासायनिक कीटनाशकों का छिडक़ाव करने से बचेः रिटायर्ड आईजी गिरीश चावला

रिटायर्ड आईजी गिरीश चावला ने कहा कि किसानों से अपील की कि वे फसलों पर अनावश्यक रूप से रासायनिक कीटनाशकों का छिडक़ाव नहीं करें। क्योंकि इससे जमीन की उर्वरता शक्ति खत्म हो रही है। किसान उत्पादन बढ़ाएं, आमदनी बढ़ाएं लेकिन उत्पादन के साथ गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं करें। आने वाला समय क्वालिटी का रहेगा। भविष्य में विश्व पटल पर टिकना है तो किसानों को उत्पादन की क्वालिटी पर ध्यान देना होगा विजया चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह मेला किसानों की तकदीर बदलेगा। कहा कि कृषि वैज्ञानिकों के पास तकनीक और किसानों के पास अनुभव है। दोनों के मिलने पर ही वास्तव में कृषि का विकास हो सकता है। धरतीपुत्रों के खेतों की ऊपज बढ़ सकती है। जिले के कृषकों को कृषि की उन्नत तकनीक के बारे में जागरूक करने के लिए ऐसे कृषि मेले जैसे आयोजन मील का पत्थर साबित होंगे। मेले में प्रदेश के कोने-कोने से आई स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा निर्मित अनूठे उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई तथा बिक्री के लिए स्टॉल्स लगाई गई। मेले में खरीददारों की भीड़ रही 

Hanumangarh Krishi Mela 2026 : नवीन वैज्ञानिक नवाचारों पर हुए केंद्रित तकनीकी सत्र

कृषि, पशुपालन एवं किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े नवीन वैज्ञानिक नवाचारों पर केंद्रित तकनीकी सत्रों के आयोजन भी हुए। इन तकनीकी सत्रों में देशभर से प्रतिष्ठित कृषि वैज्ञानिक, पशु वैज्ञानिक एवं आईसीएआर संस्थानों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। पशुधन के जरिए आय बढ़ाने के पशुपालन मॉडल प्रस्तुत किए गए। ड्रोन प्रदर्शन, जैविक खेती प्रदर्शनी, बागवानी, पशुपालन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहें। मेले में पहले दिन 21 फरवरी को डॉ. गुलजार एस. संघेरा, निदेशक, पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (पीएयू), कपूरथला गन्ना उत्पादन एवं संरक्षण तकनीकों पर व्याख्यान दिया। वहीं डॉ. अनिल घोडेला, पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुपालन विभाग हनुमानगढ़ ने पशु प्रजनन एवं प्रबंधन (एनएलएम योजना) पर किसानों से महत्वपूर्ण जानकारी साझा की

Hanumangarh Krishi Mela 2026 : कार्यक्रमों में यह रहें मौजूद

मेले के शुभारंभ कार्यक्रम के अवसर पर यूनिवर्सिटी प्रबंध निदेशक दिनेश जुनेजा, डॉ. रामावतार मीणा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, बलवीर बिश्नोई, देवेंद्र पारीक, देवेन्द्र अग्रवाल, सरपंच जगतार सिंह बराड़, राजेंद्र भांभू, अशोक गाबा, केडी सुषमा, जयनारायण बेनीवाल, पूर्व विधायक धर्मेंद्र मोची, दमयंती बैनिवाल, भीष्म कौशिक, अमन संधू, जसप्रीत सिंह सिद्धू, दलीप बैनीवाल,पारुल गोदारा, सुशील गोदारा, काले खां, सरस डेयरी एमडी उग्रसेन सहारण, देवस्थान विभाग सहायक आयुक्त ओमप्रकाश, जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक आकाशदीप सिद्धू, अश्विनी नारंग, विजय कौशिक, उपनिदेशक उद्यान रमेश बराला, कृषि (आत्मा) उपनिदेशक डॉ. सुभाष चन्द्र डूडी, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. प्रमोद यादव, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आनंद स्वरूप, उपनिदेशक उद्यान श्रीगंगानगर प्रीति बाला गर्ग, प्रताप सिंवर राजेश बिश्नोई सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और किसान मौजूद रहें।

Hanumangarh Krishi Mela 2026 : मन्नत नूर ने संगीतमय भव्य कार्यक्रम में किसानों को मंत्रमुग्ध कर दिया

इस कृषि मेले 2026 का भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी, पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा अनुसूचित जाति (एससी) मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष निहालचंद मेघवाल, जिला कलेक्टर डाॅ. खुशाल यादव, कोटा कृषि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डॉ. विमला मेघवाल, महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति प्रो. मनोज कुमार दीक्षित, प्रियंका बेलान, जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओम प्रकाश बिश्नोई, गुरु गोविन्द सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट अध्यक्ष बाबू लाल जुनेजा,यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन वरुण यादव ने विधिवत् शुभारंभ किया। मेले के शुभारंभ अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अतिथियों एवं अधिकारियों ने मेले में लगाई गई सभी स्टॉल का बारीकी से निरीक्षण किया। मेले के शुभारंभ पर ही कृषकों की भारी भीड़ उमड़ी। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी ने कहा कि जिला प्रशासन एवं खुशालदास विश्वविद्यालय का यह प्रयास किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। मेले में किसानों को जैविक खेती, आधुनिक तकनीकों और नवाचारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी, जिससे वे उन्नत कृषि की ओर अग्रसर होंगे। सरकार किसानों के कल्याण को लेकर प्रयासरत है। यह मेला क्रांति के रूप में आगे बढ़ेगा गुरु गोविन्द सिंह चेरिटेबल ट्रस्ट अध्यक्ष बाबू लाल जुनेजा ने कहा कि यह मेला विशेष रूप से उन किसानों को समर्पित है जो नए प्रयोग करना चाहते हैं और जिन्होंने देश को “अन्न का कटोरा” बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। देशभर से आए किसानों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध करवाए गए हैं।

कृषि मेले के शुभारंभ अवसर पर आयोजित संगीतमय कार्यक्रम में किसानों की भारी भीड़ उमड़ी। मुख्य आकर्षण प्रसिद्ध बॉलीवुड और पंजाबी गायिका मन्नत नूर का मनमोहक प्रदर्शन रहा, जिन्होंने अपनी सुरीली आवाज और सदाबहार गानों से किसानों, आमजन और विद्यार्थियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनका सुपरहिट गाना "तू लोंग वे मैं लाची" दर्शकों का पसंदीदा बन गया और लोकप्रिय मांग पर इसे दो बार प्रस्तुत किया गया, जिससे खचाखच भरे हॉल में उत्साह की लहर दौड़ गई। किसान, परिवार, युवा और बच्चे नाचते-गाते हूटिंग करते नजर आए, जिससे यह कृषि उत्सव यादगार बन गया। मन्नत नूर की सुरीली आवाज से दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। मशहूर कॉमेडियन ख्याली सहारण और राजस्थानी सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने वाले यूट्यूबर, साहित्यकार विनोद स्वामी उपस्थित रहे।

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