मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुई मण्डलीय निर्यात समिति की बैठक, कई मुद्दों पर हुई चर्चा

खबर सार :-
कृषि विपणन और कृषि विदेश व्यापार विभाग द्वारा आयोजित डिविजनल एक्सपोर्ट मॉनिटरिंग कमेटी की एक बैठक डिविजनल कमिश्नर विंध्याचल डिवीजन राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में कमिश्नर कार्यालय के ऑडिटोरियम में हुई।

मण्डलायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित हुई मण्डलीय निर्यात समिति की बैठक, कई मुद्दों पर हुई चर्चा
खबर विस्तार : -

मीरजापुर: मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग द्वारा मण्डलीय निर्यात निगरानी समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में एपीडा, राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, विषय विशेषज्ञ तथा संबंधित हितधारकों ने प्रतिभाग किया। प्रमुख रूप से पद्मश्री डॉ. रजनीकांत, संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. अशोक उपाध्याय, संयुक्त आयुक्त उद्योग वीरेन्द्र कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जी.आई. उत्पादों पर हुई चर्चा

बैठक में विन्ध्याचल मण्डल में कृषि निर्यात की वर्तमान स्थिति, निर्यात को बढ़ावा देने की संभावनाओं तथा भौगोलिक संकेतक (जी.आई.) उत्पादों के संरक्षण एवं उनके प्रचार-प्रसार पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर डॉ. अमित यादव, मण्डलीय अधिकारी, कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग ने मण्डल से कृषि जिंसों के निर्यात में हुई प्रगति, निर्यात क्षमता तथा पंजीकृत कृषि जी.आई. उत्पादों की वर्तमान स्थिति के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने जी.आई. पंजीकृत उत्पादों के लिए अधिकृत उपयोगकर्ताओं (ऑथराइज्ड यूजर्स) की संख्या बढ़ाने पर विशेष बल दिया। साथ ही उन्होंने विन्ध्याचल मण्डल से नए एवं संभावनाशील उत्पादों को जी.आई. पंजीकरण के लिए चिन्हित करने का सुझाव भी दिया, जिससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर की दी जानकारी

एपीडा से डी.जी.एम. डॉ. सी.बी. सिंह ने चुनार में नव-निर्मित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर की जानकारी देते हुए बताया कि यह केंद्र किसानों, निर्यातकों एवं उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराकर कृषि निर्यात को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बैठक को संबोधित करते हुए मण्डलायुक्त राजेश प्रकाश ने कहा कि मीरजापुर में नवस्थापित माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय में शीघ्र ही पी.जी. डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने हेतु शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इससे कृषि, निर्यात एवं जी.आई. उत्पादों से जुड़े मानव संसाधन का विकास संभव हो सकेगा। बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि विन्ध्याचल मण्डल को कृषि निर्यात एवं जी.आई. उत्पादों के क्षेत्र में एक सशक्त पहचान दिलाने हेतु सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे।

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