नए जिलाधिकारी गौरांग राठी और सीडीओ रामेश्वर सब्बनवाड ने संभाला पदभार, सुशासन और विकास पर रहेगा फोकस

खबर सार :-
झांसी में नए जिलाधिकारी गौरांग राठी और सीडीओ रामेश्वर सब्बनवाड ने  पदभार ग्रहण करने के बाद जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि ज़िले में कार्य सुशासन और पारदर्शिता के साथ किया जाएगा, जिसमें प्रशासन की प्राथमिकताओं को सर्वोपरि महत्व दिया जाएगा।

नए जिलाधिकारी गौरांग राठी और सीडीओ रामेश्वर सब्बनवाड ने संभाला पदभार, सुशासन और विकास पर रहेगा फोकस
खबर विस्तार : -

झांसीः झांसी जनपद में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला, जब नवागत जिलाधिकारी गौरांग राठी और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने अपने-अपने पदों का कार्यभार संभाल लिया। 22 अप्रैल को कलेक्ट्रेट स्थित जिला कोषागार पहुंचकर जिलाधिकारी गौरांग राठी ने औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया और आवश्यक अभिलेखों पर हस्ताक्षर किए।

2014 बैच के आईएएस अधिकारी 

गौरांग राठी 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और मूल रूप से मेरठ के निवासी हैं। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली से वस्त्र प्रौद्योगिकी में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। अपने प्रशासनिक करियर में वे बहराइच में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, वाराणसी में मुख्य विकास अधिकारी और नगर आयुक्त, भदोही व उन्नाव में जिलाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। उनके अनुभव को देखते हुए झांसी में उनसे बेहतर प्रशासनिक कार्यशैली की उम्मीद जताई जा रही है।

पदभार ग्रहण करने के बाद जिलाधिकारी ने जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शिता और सुशासन के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गिनाईं प्राथमिकताएं 

पत्रकारों से बातचीत में जिलाधिकारी ने अपनी तीन प्रमुख प्राथमिकताएं भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि जनपद में बिजली और पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करना, जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकालना और आम नागरिकों को राहत देना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। दूसरी प्राथमिकता के तहत उन्होंने आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम) के माध्यम से शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने की बात कही, ताकि फरियादियों को बार-बार अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें। तीसरी प्राथमिकता में उन्होंने विकास कार्यों को धरातल पर उतारने और झांसी को पर्यटन के माध्यम से नई पहचान दिलाने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी ने बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के कार्यों को भी प्राथमिकता में शामिल करते हुए कहा कि इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा। इसके लिए बीडा अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी और कार्य में आ रही बाधाओं को दूर किया जाएगा।

अधिकारियों को दिए दिशा निर्देश

वहीं, नवागत मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने भी झांसी में अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है। महाराष्ट्र के लातूर निवासी सब्बनवाड 2022 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और उन्होंने पर्यावरण विषय में बीटेक की डिग्री प्राप्त की है। मुजफ्फरनगर में प्रशिक्षण के बाद वे गाजीपुर में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए पीड़ितों को उनके अधिकार दिलाना उनकी प्राथमिकता होगी।

जिलाधिकारी ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने, विकास कार्यों में तेजी लाने और शिकायतों के प्रभावी समाधान पर विशेष ध्यान देने की बात दोहराई। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई को गंभीरता से लेते हुए आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वरुण कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी न्याय अरुण कुमार गौड़, नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासनिक टीम के इस नए संयोजन से जनपद में विकास और सुशासन की उम्मीदें और अधिक बढ़ गई हैं।

अन्य प्रमुख खबरें