सूरतः ज्वेलरी फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक में बड़ा हादसा, सफाई करने उतरे 4 कर्मचारियों की मौत
खबर सार :-
सूरत के खांड बाजार क्षेत्र में एक ज्वेलरी फैक्ट्री के टैंक की सफाई के दौरान 4 मजदूरों की मौत हो गई। मौत का कारण दम घुटना बताया जा रहा है। जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई है।
खबर विस्तार : -
सूरत: गुजरात के सूरत के खांड बाजार इलाके में रविवार सुबह एक दुखद घटना घटी। चौर्यासी डेयरी के पास स्थित रतिह ज्वैलर्स में सफाई के लिए एक अंडरग्राउंड एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) टैंक में उतरने पर जहरीली गैस की चपेट में आने से चार कर्मचारियों की मौत हो गई।
घटना की खबर मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और चारों कर्मचारियों को बाहर निकालने के लिए तेजी से बचाव अभियान शुरू किया। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान सुपरवाइजर निमेश विट्ठलभाई सावलिया (26), विकास कुमार संतोषभाई सोनावणे (24), विजय भीखाभाई अहीरे (24) और योगेश नानाभाई जाधव के तौर पर हुई है।
सुपरवाइजर ने दी फायर विभाग को सूचना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, योगेश सबसे पहले सफाई के लिए टैंक में उतरा था। जब वह फंस गया, तो विकास और विजय उसे बचाने के लिए नीचे उतरे, लेकिन वे भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। इसके बाद, सुपरवाइजर निमेश सावलिया ने फायर डिपार्टमेंट को सूचना दी और खुद बचाव के लिए टैंक में उतरे, लेकिन वे भी बेहोश हो गए। चारों लोगों की मौत हो गई।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
शुरुआती रिपोर्टों से सुरक्षा मानकों की अनदेखी और जरूरी सुरक्षा उपकरणों की कमी का पता चलता है। वराछा जोन-A के डिविजनल फायर ऑफिसर रंजीतसिंह खडिया ने बताया कि कंट्रोल रूम को सुबह 10:22 बजे सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति पानी के गड्ढे में गिर गया है। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि रतिह ज्वैलर्स के ETP प्लांट में चार लोग फंसे हुए थे। उन्होंने बताया कि किसी भी कर्मचारी ने PPE किट या अन्य सुरक्षा उपकरण नहीं पहने थे और आस-पास कोई सुरक्षा उपकरण भी नहीं मिला। पहली नजर में यह घोर लापरवाही का मामला लगता है, हालांकि जांच के बाद ही सही हालात स्पष्ट हो पाएंगे।
गैस के कारण दम घुटने की आशंका
सूरत के DCP आलोक कुमार ने बताया कि यह टैंक ज्वैलरी प्रोसेसिंग के दौरान निकलने वाले कचरे को इकट्ठा करने के लिए बनाया गया था और हर दो महीने में इसकी सफाई की जाती थी। सुबह सफाई करते समय टैंक के अंदर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण चारों कर्मचारी बेहोश हो गए। पुलिस और संबंधित विभागों ने मामले की जांच शुरू कर दी है; हादसे की असल वजह और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी। डिप्टी फायर ऑफिसर प्रकाश इदावे ने बताया कि सूचना मिलने पर फायर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार लोगों को बाहर निकाला और '108' एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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