अधिकतर रेल अधिकारियों ने अभी तक नहीं दी अपनी संपत्ति की डिटेल, लटक सकता है प्रमोशन

खबर सार :-
रेलवे बोर्ड के अंडर सेक्रेटरी अशोक कुमार ने एक सर्कुलर जारी कर सभी अधिकारियों से उनकी संपत्ति का ब्यौरा मांगा है। इसी के आधार पर अधिकारियों का प्रमोशन भी होना है। लेकिन अभी तक अधिकांश लोगों ने अपनी जानकारी नहीं दी है। जिसकी वजह से आगे की प्रक्रिया रोक दी गई है।

अधिकतर रेल अधिकारियों ने अभी तक नहीं दी अपनी संपत्ति की डिटेल, लटक सकता है प्रमोशन
खबर विस्तार : -

झांसीः झांसी डिवीजन में लगभग 200 ग्रुप A और ग्रुप B अधिकारी हैं। रेलवे बोर्ड ने ग्रुप A और ग्रुप B अधिकारियों की संपत्ति का ब्यौरा मांगा था, लेकिन 180 से ज़्यादा रेलवे अधिकारियों ने अभी तक अपनी संपत्ति का ब्यौरा जमा नहीं किया है। इससे अब उनके प्रमोशन खतरे में पड़ सकते हैं।

SPARROW सिस्टम के ज़रिए देनी होगी जानकारी

रेलवे बोर्ड के अंडर सेक्रेटरी अशोक कुमार ने एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि सभी अधिकारियों को अपनी अचल संपत्ति की जानकारी सिर्फ़ SPARROW सिस्टम के ज़रिए ही जमा करनी होगी। बोर्ड ने साफ़ किया है कि अगर कोई अधिकारी रिपोर्ट ऑफ़लाइन या किसी और तरीके से भेजता है, तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। छूट सिर्फ़ उन्हीं मामलों में दी जाएगी, जहां तकनीकी कारणों से अधिकारी का डेटा पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है।

31 जनवरी है अंतिम तिथि

रेलवे बोर्ड ने साफ़ और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि साल 2025 के लिए संपत्ति का पूरा ब्यौरा 31 जनवरी, 2026 तक SPARROW पोर्टल पर ऑनलाइन जमा करना ही होगा। रेलवे बोर्ड ने सभी जनरल मैनेजरों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के सभी अधिकारियों को समय सीमा के अंदर जानकारी जमा करने के लिए सूचित करें। ऑनलाइन विंडो 1 जनवरी, 2026 से खुली है। अधिकारियों को सलाह दी गई है कि वे आखिरी तारीख, 31 जनवरी तक इंतज़ार न करें, क्योंकि आखिरी समय में ज़्यादा लोड के कारण पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं।

सभी तरह की संपत्तियों की देनी होगी जानकारी

रेलवे सेवा नियमों में दिए गए निर्देशों के अनुसार, अधिकारियों को न सिर्फ़ अपने नाम और खरीदी गई ज़मीन या घर की जानकारी देनी होगी, बल्कि विरासत में मिली संपत्ति, लीज़ पर लिए गए प्लॉट और गिरवी रखी गई संपत्तियों का भी पूरा ब्यौरा देना होगा। नियम इतने सख्त हैं कि अधिकारियों को अपने परिवार के सदस्यों या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर रखी गई किसी भी संपत्ति का भी पूरी पारदर्शिता के साथ खुलासा करना होगा।

सरकार ने अनिवार्य किया ब्यौरा

साफ़ और सख्त निर्देशों के बावजूद, 200 ग्रुप A और ग्रुप B अधिकारियों में से अब तक सिर्फ़ 18 ने ही अपना ब्यौरा जमा किया है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे में नियमों के अनुसार संपत्ति का ब्यौरा दिया जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने अब रेलवे अधिकारियों के लिए अपनी संपत्ति का ब्यौरा ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य कर दिया है। अधिकारियों को 31 जनवरी तक केंद्र सरकार के तय पोर्टल पर अपनी चल और अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा अपलोड करना होगा।

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