चाकसू में चला सफाई का महाअभियान, निरंकारी सेवादारों ने दिया ये संदेश

खबर सार :-
चाकसू में स्वच्छ जल, स्वच्छ मन अभियान के तहत व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। जिसमें सैकड़ों लोगों ने श्रमदान किया। सभी सेवादारों ने नगर को स्वच्छ बनाने के संकल्प को दोहराया। साथ ही लोगों से पानी बचाने की अपील की।

चाकसू में चला सफाई का महाअभियान, निरंकारी सेवादारों ने दिया ये संदेश
खबर विस्तार : -

जयपुर/चाकसू: रविवार को चाकसू में ‘स्वच्छ जल, स्वच्छ मन’ अभियान के चौथे चरण के अंतर्गत मनोहरा तालाब पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। संत निरंकारी मिशन के सैकड़ों सेवादारों ने श्रमदान करते हुए तालाब के बाहरी क्षेत्र, पार्किंग स्थल, पैदल मार्ग और सीढ़ियों पर फैले प्लास्टिक, सूखा-गीला कचरा एवं अन्य अपशिष्ट को एकत्रित किया। नालियों में जमा गंदगी को निकालकर हूपरों के माध्यम से डंपिंग स्थल तक पहुंचाया गया, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण स्वच्छ और सुंदर दिखाई देने लगा।

जोन 20 बी के कई जलाशयों में एक साथ अभियान

जोन 20 बी जयपुर के अंतर्गत कई प्रमुख जल स्रोतों पर भी समानांतर रूप से सफाई अभियान चलाया गया। इनमें मानसरोवर का लैंडस्केप पार्क, कानोता बांध, गोनर तालाब (मच्छ की पीपली), दण्ड के बालाजी (तूंगा), हनुमान सागर (दूदू), देवयानी सरोवर (सांभर) और गोटोलाल तालाब सहित अन्य बड़े जलाशय शामिल रहे। सेवादारों ने प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट हटाकर जलाशयों को स्वच्छ बनाने का संकल्प दोहराया। अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का संदेश भी दिया गया।

जनप्रतिनिधियों ने किया शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ चाकसू भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष कृष्णा सैनी, भाजपा नेता गिर्राज जी डूंगरी और लालाराम जादम सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने किया। जनप्रतिनिधियों ने मिशन के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से नागरिकों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।

2000 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजन

चाकसू ब्रांच के मुखी ने बताया कि यह अभियान परम श्रद्धेय माता सुदीक्षा जी महाराज के मार्गदर्शन में देशभर के 2000 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया। प्राकृतिक जल स्रोतों—नदियों, झीलों, तालाबों और कुओं—की सफाई कर जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाने का संदेश दिया गया।

मिशन के अनुसार ‘प्रोजेक्ट अमृत’ की शुरुआत वर्ष 2023 में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से की गई थी। इसका उद्देश्य जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देना है, ताकि स्वच्छ जल के माध्यम से स्वच्छ मन और स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके।

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