झांसी डिफेंस कॉरिडोर में MSME टेक्नोलॉजी सेंटर की सौगात, 200 करोड़ से होगा निर्माण

खबर सार :-
भारत सरकार के माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) मंत्रालय ने डिफेंस कॉरिडोर में एक टेक्नोलॉजी सेंटर खोलने का फैसला किया है। टेंडर प्रोसेस पूरा हो चुका है, और एक इंटरनेशनल रेलवे कंपनी ने इसे बनाने का काम शुरू कर दिया है।

झांसी डिफेंस कॉरिडोर में MSME टेक्नोलॉजी सेंटर की सौगात, 200 करोड़ से होगा निर्माण
खबर विस्तार : -

झांसीः डिफेंस कॉरिडोर में उद्योग और तकनीकी विकास को नई गति देने के लिए भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने टेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है। करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस सेंटर की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण कार्य की जिम्मेदारी Ircon International Limited को सौंपी गई है।

श्रंखला को मिलेगी मजबूती

यह सेंटर भूखंड संख्या 5.2 पर स्थापित किया जाएगा। उक्त भूमि 26 दिसंबर 2022 को भारत सरकार को लीज पर दी गई थी और 10 जनवरी 2023 को इसका कब्जा हस्तांतरित हुआ। निर्माण के बाद यह केंद्र डिफेंस कॉरिडोर में तकनीकी प्रशिक्षण और औद्योगिक सेवाओं का प्रमुख हब बनेगा।

देश में वर्तमान में एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर भिवानी, पुडुचेरी, भोपाल और रोहतक में संचालित हैं। इसके अतिरिक्त अहमदाबाद, औरंगाबाद, इंदौर में इंडो जर्मन टूल रूम तथा भुवनेश्वर, कोलकाता और गुवाहाटी में सेंट्रल टूल रूम एवं ट्रेनिंग सेंटर कार्यरत हैं। झांसी में प्रस्तावित केंद्र इन संस्थानों की श्रृंखला को और मजबूत करेगा।

युवाओं को मिलेंगे रोजगार

इस टेक्नोलॉजी सेंटर में टूल डिजाइन, निर्माण, हीट ट्रीटमेंट, इंजीनियरिंग सेवाएं, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स के साथ तकनीकी मार्गदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यहां आधुनिक टूलिंग मशीन, उत्पादन सेवाएं और टूल इंजीनियरिंग कोर्स संचालित होंगे।

अगर युवा आत्मनिर्भर बनने के लिए अपना खुद का उद्योग शुरू करना चाहते हैं, तो इस टेक्नोलॉजी सेंटर में हर तरह की टेक्निकल गाइडेंस और कोर्स वगैरह मिलेंगे। इसके फायदे बताते हुए, इंडस्ट्रीज़ झांसी के डिप्टी कमिश्नर मनीष चौधरी ने कहा कि टेक्नोलॉजी सेंटर खुलने के बाद MSMEs की काम की ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही, युवा एंटरप्रेन्योर टेक्नोलॉजी में एडवांस ट्रेनिंग लेकर टेक्निकल नॉलेज भी हासिल कर सकेंगे।

भारत सरकार झांसी के साथ जबलपुर और नागपुर में भी ऐसे केंद्र स्थापित करने जा रही है। झांसी डिफेंस कॉरिडोर में इस सेंटर के शुरू होने से क्षेत्र के युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का नया मार्ग प्रशस्त होगा और स्थानीय उद्योगों को भी नई मजबूती मिलेगी।भारत सरकार झांसी, जबलपुर और नागपुर में MSME टेक्नोलॉजी सेंटर खोल रही है। इनके कंस्ट्रक्शन की ज़िम्मेदारी रेलवे की इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड को दी गई है। सेंटर खुलने से युवाओं को टेक्निकल स्किल सीखने में काफी मदद मिलेगी, जिससे उन्हें बाहर भटकने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। झांसी डिफेंस कॉरिडोर में इस सेंटर के खुलने से झांसी के युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का एक नया रास्ता खुलेगा।

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