रामपुर : भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में फैज-ए-इलाही मस्जिद के समीप हुई हिंसक घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसे देश की सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द के लिए घातक करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित रणनीति थी, जिसकी रूपरेखा लखनऊ में तैयार की गई।
मीडिया से बातचीत में जमाल सिद्दीकी ने समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सांसद की भूमिका संदिग्ध है और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। उनका कहना था कि घटनास्थल पर मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों को भड़काने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास किया गया, जिससे स्थिति बिगड़ी। उन्होंने बताया कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त स्थानीय मस्जिद कमेटी के जिम्मेदार लोग और क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिक हालात को शांत करने का प्रयास कर रहे थे। इसके बावजूद कुछ राजनीतिक नेताओं द्वारा मौके पर पहुंचकर उत्तेजक बयान देना और पत्थरबाजी करने वालों का अप्रत्यक्ष समर्थन करना स्थिति को और गंभीर बना गया। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं, जिनमें साफ देखा जा सकता है कि किस प्रकार भीड़ को उकसाया गया।
जमाल सिद्दीकी ने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के संकेत पर पार्टी के कुछ अन्य नेता भी लगातार भड़काऊ बयानबाजी कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय को भ्रमित करना और राजनीतिक लाभ उठाना है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अपना जनाधार खो चुकी है और उसे बचाने के लिए इस तरह की घटनाओं को हवा दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पूरी तरह अदालत के आदेश के तहत थी। पुलिस किसी धार्मिक स्थल के खिलाफ नहीं, बल्कि अवैध कब्जों को हटाने के लिए मौके पर मौजूद थी। अफवाह फैलाई गई कि मस्जिद पर बड़े पैमाने पर बुलडोजर चलाए जाएंगे, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग थी। ऐसी झूठी खबरों के कारण ही लोग भड़क गए और हिंसा शुरू हुई।
जमाल सिद्दीकी ने कहा कि संबंधित जमीन से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है और अदालत के निर्णय के बाद ही प्रशासन ने कार्रवाई की। उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और यदि किसी को कार्रवाई से आपत्ति है तो संवैधानिक और कानूनी रास्ता अपनाएं। अपने बयान के अंत में उन्होंने कहा कि भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर है, लेकिन यह लक्ष्य तभी संभव है जब देश में हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी विश्वास कायम रहे। इस प्रकार की हिंसक घटनाएं देश को पीछे ले जाती हैं, इसलिए सभी वर्गों को संयम, शांति और कानून का सम्मान करना चाहिए।
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