Benefits Of Spices: भारत को ‘मसालों का देश’ कहा जाता है। ये मसाले हमारी रसोई की शान हैं। इनकी खुशबू उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम भारत तक फैली हुई है। अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संघ (ISO) की सूची में शामिल 109 मसालों में से करीब 75 का उत्पादन सिर्फ भारत में होता है। हमारे बाद तुर्की और फिर बांग्लादेश का नंबर आता है।
मसाले सिर्फ स्वाद और खुशबू ही नहीं बढ़ाते, बल्कि ये सेहत के लिए भी वरदान हैं। कुछ गरम मसाले ऐसे हैं जिन्हें हम भारतीय सुपर मसाले कहते हैं। यहां हम आपको ऐसे पांच सुपर मसालों के बारे में बताएंगे, जो आपकी सेहत को बेहतर रखने में मददगार साबित हो सकते हैं। साथ ही ये अनोखे मसाले खाने को लजीज भी बनाते हैं।
जायफल सिर्फ बेहतरीन स्वाद ही नहीं देता, बल्कि ये सेहत के लिए भी अच्छा होता है। जायफल के सेवन से नींद संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और गैस, अपच जैसी समस्याओं से भी छुटकारा दिलाता है। दालचीनी का इस्तेमाल सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं किया जाता, बल्कि इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है और दिल की सेहत को भी लाभ पहुंचाता है। इसके सेवन से वजन नियंत्रित करने में भी मदद मिलती है।
लौंग की बात करें तो इसका इस्तेमाल चाय और खाने से लेकर कई चीजों में किया जाता है। लौंग में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है जो इसे खास बनाती है। नियमित रूप से लौंग का सेवन करने से आप बैक्टीरिया और वायरस से बचे रहेंगे। यह मसाला ओरल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि यह बैक्टीरिया को मारता है और दांत दर्द से राहत दिलाता है। इसके अलावा लौंग पाचन क्रिया को भी दुरुस्त करती है।
अगर रसोई के दूसरे मसालों पर नजर डालें तो काली मिर्च गुणों की खान है। काली मिर्च को “मसालों का राजा” कहा जाता है। यह मसाला न सिर्फ रसोई का अहम हिस्सा है, बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है। काली मिर्च का इस्तेमाल कई तरह के व्यंजनों में मसाले के तौर पर किया जाता है। वहीं, इसका इस्तेमाल आयुर्वेदिक औषधि के तौर पर भी किया जाता है। काली मिर्च पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करती है। साथ ही काली मिर्च में मौजूद विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
अगर आपके दांत में दर्द हो रहा है, तो काली मिर्च के सेवन से राहत मिल सकती है। यह दिल को भी स्वस्थ रखने में मदद करती है। इसका सेवन करने से वजन कम करने के साथ-साथ त्वचा भी स्वस्थ रहती है। काली मिर्च को भुनी हुई सब्जियों, ग्रिल्ड मीट या तले हुए अंडों पर छिड़ककर स्वाद बढ़ाया जा सकता है। साथ ही काली मिर्च का इस्तेमाल सूप, सॉस में भी किया जा सकता है।
जीरे का इस्तेमाल भारतीय व्यंजनों में प्रमुखता से किया जाता है। जीरे का स्वाद और खुशबू किसी भी डिश की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है। इसका इस्तेमाल दाल, करी, सब्जी और चटनी में किया जाता है। जब जीरे को धनिया, हल्दी या मिर्च जैसे दूसरे मसालों के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है तो यह एक खास ताजा और तीखा स्वाद देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जीरा सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाता बल्कि यह शरीर के लिए भी फायदेमंद है। यह पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है और गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।
गौरतलब है कि भारत दुनिया में सबसे ज्यादा मसाला उत्पादक है। यह हल्दी, मिर्च और जीरा के उत्पादन में अग्रणी है और शायद इसीलिए यह हमारे व्यंजनों का स्वाद बढ़ाता है।
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