बिना धूप के सर्दियों में कैसे करें विटामिन डी की कमी पूरी? जानें असरदार तरीके

खबर सार :-
भारत में माघ महीने में सर्दियां चरम पर होती हैं, सूरज भी कम निकलता है। ऐसे में शरीर को विटामिल डी की पूरी मात्रा नहीं मिल पाती है। विटामिन डी की कमी शरी को बेजान, कमजोर कर देती है। इससे शरीर में हड्डियां, मांसपेशियां, दांत, इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है। शरीर में विटामिन डी दो रूपों में पाया जाता है। पहला विटामिन डी-3 व दूसरा विटामिन डी-2। विटामिन डी-3 धूप से जबकि विटामिन डी-2 भोजन व सप्लीमेंट से बनता है।

बिना धूप के सर्दियों में कैसे करें विटामिन डी की कमी पूरी? जानें असरदार तरीके
खबर विस्तार : -

नई दिल्ली : भारत जैसे देश में, जहां साल के अधिकतर दिन सूरज चमकता है, फिर भी हर चौथा व्यक्ति विटामिन डी की कमी से जूझ रहा है। माघ के महीने में सर्दियां अपने चरम पर होती हैं और सूर्य की शक्ति भी क्षीण हो जाती है। कुछ दिनों पर आसमान में सिर्फ बादल और घना कोहरा दिखता है। ऐसे में विटामिन डी शरीर को पूरी मात्रा में नहीं मिल पाता है। विटामिन डी शरीर के लिए बहुत जरूरी है।

शरीर को बेजान और कमजोर कर देती है विटामिन डी की कमी

विटामिन डी की कमी शरीर को बेजान और कमजोर कर देती है, और शरीर में हड्डियां, मांसपेशियां, दांत और इम्यून सिस्टम भी प्रभावित होते हैं। सर्दियों में वात दोष की वृद्धि तेजी से होती है और विटामिन डी की कमी के साथ जोड़ों के दर्द के लिए भी जिम्मेदार होती है। ऐसे में विटामिन डी की पूर्ति शरीर में होना बहुत जरूरी है। 

शरीर में दो रूपों में पाया जाता है विटामिन डी 

शरीर में विटामिन डी दो रूपों में पाया जाता है। पहला विटामिन डी-3 और दूसरा विटामिन डी-2। विटामिन डी-3 धूप की वजह से शरीर में बनता है, जबकि विटामिन डी-2 भोजन और सप्लीमेंट से मिलता है। रोजाना एक वयस्क को 600-800 आईयू, बच्चों को 400 आईयू, 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को 800-1000 आईयू और गर्भवती महिलाओं को 800-1000 आईयू विटामिन डी की आवश्यकता होती है। अगर आप विटामिन डी की जांच कराते हैं तो रक्त में विटामिन डी की मात्रा 30-50 एनजी/एमएल होना आवश्यक है। अगर मात्रा कम है तो आप विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं।

असंभव नहीं है बिना धूप के विटामिन की कमी को पूरा करना 

बिना धूप के विटामिन की कमी को पूरा करना असंभव नहीं है, लेकिन थोड़ा मुश्किल जरूर है। इसके लिए फोर्टिफाइड फूड का सेवन करें, जिसमें पहले से खनिज और पोषक तत्व मिले होते हैं। आहार में फोर्टिफाइड दूध, अनाज, बादाम, और सोया का इस्तेमाल कर सकते हैं। दूसरा तरीका है मशरूम का सेवन। मशरूम में भरपूर मात्रा में विटामिन डी-2 होता है।

इसके लिए मशरूम को मसालों के साथ न पकाएं, बल्कि उबालकर सलाद के रूप में ले सकते हैं, या हल्के घी, जीरे और नमक के साथ शैलो फ्राई कर सकते हैं। तीसरा, डॉक्टर की सलाह के साथ सप्लीमेंट लेना। विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए डॉक्टर हफ्ते और महीने में एक बार विटामिन का सेवन करने की सलाह देते हैं। ये भी एक तरीका है जिससे विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है।

हड्डियों-जोड़ों को मजबूत बनाने में विटामिन डी, कैल्शियम दोनों जरूरी

दूध और दही में भी विटामिन डी मिल जाता है, लेकिन मात्रा बहुत कम होती है, लेकिन अगर शरीर में विटामिन डी की कमी है तो दूध और दही का सेवन जरूर करें, क्योंकि हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाने में जितनी भूमिका विटामिन डी की होती है, उतनी ही कैल्शियम की होती है। दोनों को साथ में लेने से दोगुना फायदा शरीर को मिलता है, क्योंकि कैल्शियम विटामिन डी के अवशोषण को बढ़ा देता है।
 

अन्य प्रमुख खबरें