Work from home: वर्क फ्रॉम होम आपके लिए सुविधा या हेल्थ से समझौता

खबर सार :-
Work from home: ज्यादातर लोग अपनी व्यस्त लाइफ के कारण वर्क फ्रॉम होम की जॉब करना पसंद करते हैं। कभी-कभी घर के काम के साथ आफिस वर्क को मैनेज करना काफी मुश्किल हो जाता है, जिस कारण चिड़चिड़ापन और मानसिक तनाव हो जाता है। आपके लिए वर्क फ्रॉम होम कितना सही है? चलिए जानते हैं।

Work from home: वर्क फ्रॉम होम आपके लिए सुविधा या हेल्थ से समझौता
खबर विस्तार : -

Work from home: आजकल ज्यादातर लोग अपने व्यस्त लाइफ के कारण वर्क फ्रॉम होम की जॉब कर रहे हैं, लेकिन कई बार एक साथ दोनों काम का प्रेशर बढ़ जाता है, जिस कारण काम से थकान हो जाती है। ज्यादातर महिलाएं अपने घर को आर्थिक रूप से चलाने के लिए वर्क फ्रॉम होम चुनती हैं, लेकिन घर और आफिस के बीच कई बार काम का दबाव बढ़ने से दोनों के बीच अन्तर का पता नहीं चल पाता है। इस बीच लोग बर्नआउट का शिकार होते चले जा रहे हैं। आज आपको बताने वाले हैं, इसके 10 लक्षण क्या है? जिससे इसे बचा जा सके और काम व पर्सनल लाइफ के बीच अन्तर बचा रहे।

पूरे दिन थकान

अगर आप पूरा दिन काम करने के बाद खुद को थका हुआ महसूस करते हैं तो यह आम बात हो सकती है, लेकिन इस तरह की घटना हर रोज होती है, तो आप इससे सतर्क हो जाइए। ये बर्नआउट का संकेत हो सकता है। इसका सबसे पहला लक्षण है, रात भर अच्छे से नींद पूरी करने के बाद भी शरीर में थकान बने रहना। हर छोटी- बड़ी बात पर जल्दी गुस्सा हो जाना, किसी भी चीज पर फोकस न कर पाना, अपने किए गए काम से खुश न होना, बिना किसी कारण शरीर के अलग- अलग हिस्सों में दर्द होना, रात को नींद न आना या रात भर किसी बारे में सोचते रहना, अपने परिवार में किसी से बातचीत करने से कतराना और किसी भी तरह के नये आइडिया पर काम न करने की इच्छा होना, ये सभी बर्नआउट के लक्षण हैं।

इससे कैसे बचें

इतने काम का समय फिक्स करना, जिससे काम निर्धारित समय पर खत्म हो सके और जब आप लैपटॉप बंद करें तो तब आपको आफिस के काम का प्रेशर न रहे। ज्यादातर लोग बिस्तर पर बैठकर काम करना पसंद करते हैं, जिससे दिमाग को घर के काम और आफिस के काम के बीच अन्तर का पता नहीं चल पाता है। अपना डेस्क वर्क करने के लिए आप अलग से कुर्सी और मेज पर बैठकर काम करें, जिससे काम करने के बाद बॉडी रिलैक्स कर सके।

पर्सनल लाइफ पर असर

अगर आप लगातर काम करते हैं, तो इससे आपके शरीर और पर्सनल लाइफ पर काफी गहरा असर पड़ता है। अपने काम का एक शेड्यूल बनाएं, जिसमें हर एक घंटे काम करने के बाद आपको 10- 15 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए, जिसमें आप पानी पी सकते हैं, थोड़ा टहल सकते हैं, इससे आपको थकान कम होगी और काम भी बेहतर होगा। आफिस के काम के बाद अपने परिवार के लोगों को समय अवश्य दें, जिससे कि आपको किसी तरह का तनाव महसूस न हो और आप मानसिक रूप से स्वस्थ्य रह सकें।

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