नई दिल्ली : सर्दियों में सबसे ज्यादा मिलने वाली सब्जी गाजर और चुकंदर है, जिसका इस्तेमाल जूस बनाने से लेकर सलाद के रूप में किया जाता है। गाजर और चुकंदर के रस के भी बहुत सारे फायदे हैं, जिनके बारे में आमतौर पर सभी लोग जानते हैं। क्या आप जानते हैं कि अगर गाजर और चुकंदर को एक साथ रस के रूप में पीया जाए तो शरीर को अनगिनत फायदे मिलते हैं? ये रस शरीर के लिए अमृत के समान है।
आयुर्वेद में गाजर और चुकंदर को शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाला रस माना गया है, जो सिर्फ दिखने में ही रंगीन नहीं है, बल्कि स्वाद और पोषण से भरा है। आम तौर पर लोग गाजर और चुकंदर का रस अलग-अलग लेते हैं, लेकिन अगर इसे साथ में पिया जाए तो शरीर को दोगुना पोषण मिलेगा। आयुर्वेद के अनुसार, यह संयोजन रक्त धातु को पुष्ट करता है, पित्त को संतुलित करता है और शरीर में ओज बढ़ाने में सहायक है।
आधुनिक विज्ञान भी गाजर और चुकंदर के रस को शरीर के लिए 'नेचुरल ब्लड बूस्टर ड्रिंक' मानता है, जिसे रोजाना पीने के नुकसान भी नहीं हैं। इसमें बीटा-कैरोटीन, एंटीऑक्सिडेंट, नाइट्रेट और आयरन-सहायक तत्व मौजूद होते हैं, जो स्किन को निखारने और रक्त की मात्रा बढ़ाने का काम करते हैं।
हालांकि, इसे पीने से पहले कुछ सावधानियों के बारे में जान लें। पहले बात करते हैं गाजर और चुकंदर के रस के सेवन के लाभ क्या हैं। गाजर और चुकंदर में बीटा-कैरोटीन, नाइट्रेट और फोलेट होते हैं, जो रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाते हैं और शरीर में विटामिन सी के अवशोषण को भी बढ़ाते हैं। ये शरीर में रक्त की मात्रा को भी बढ़ाने का काम करते हैं। दूसरा, गाजर और चुकंदर लिवर के डिटॉक्स में भी सहायक हैं। गाजर और चुकंदर लिवर के सही तरीके से काम करने की क्षमता को बढ़ाते हैं और शरीर में पित्त के संतुलन को भी बनाए रखते हैं।
तीसरा, गाजर और चुकंदर त्वचा, आंख और बालों के स्वास्थ्य के लिए भी सहायक होते हैं। गाजर और चुकंदर का रस शरीर में विटामिन ए की मात्रा को बढ़ाता है, जो आंख और त्वचा दोनों के लिए लाभकारी होती है। चुकंदर के एंटीऑक्सिडेंट फ्री-रैडिकल डैमेज कम करने में मदद करते हैं, जिससे त्वचा का रुखापन कम होता है। इसके अलावा, इसके रस से शरीर को ऊर्जा मिलती है।
अब जान लेते हैं कि किन लोगों को गाजर और चुकंदर के रस के सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए। मधुमेह से पीड़ित मरीज को गाजर और चुकंदर का रस नहीं पीना चाहिए, क्योंकि ये रक्त में शुगर की मात्रा को बढ़ाता है। दूसरा, अगर पथरी की परेशानी है, तब भी इसके सेवन से बचना चाहिए। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और लो बीपी से पीड़ित मरीजों को भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही सेवन करना चाहिए।
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