ग्लेन मैक्ग्रा जन्मदिन विशेष: वो गेंदबाज जिसने ' The corridor of uncertainty’ से दुनिया पर राज किया

खबर सार :-
महान ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा के जन्मदिन पर विशेष लेख। जानें कैसे एक 'मेट्रोनोम' गेंदबाज ने दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों को अपनी सटीकता से खौफजदा कर दिया।

ग्लेन मैक्ग्रा जन्मदिन विशेष: वो गेंदबाज जिसने ' The corridor of uncertainty’ से दुनिया पर राज किया
खबर विस्तार : -

Glenn McGrath Birthday : 9 फरवरी का दिन क्रिकेट जगत के लिए बेहद खास है। आज ही के दिन साल 1970 में न्यू साउथ वेल्स में एक ऐसे गेंदबाज का जन्म हुआ था, जिसने अपनी सटीकता और अनुशासन से तेज गेंदबाजी की परिभाषा ही बदल दी। हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया के महान दिग्गज ग्लेन मैक्ग्रा की, जिन्हें दुनिया आज भी उनकी 'मेट्रोनोम' जैसी गेंदबाजी के लिए याद करती है। मैक्ग्रा का शुरुआती टेस्ट करियर बहुत प्रभावशाली नहीं रहा था। अपने पहले आठ टेस्ट मैचों के बाद 43 की औसत के कारण उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। लेकिन चैंपियन खिलाड़ी वही होता है जो वापसी करना जानता हो। 1994-95 का वेस्टइंडीज दौरा उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ, जहाँ से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

Glenn McGrath bowls, Australia v England, 5th Test, Sydney, January 2, 2007

बल्लेबाजों के लिए 'दुःस्वप्न' बने मैक्ग्रा

मैक्ग्रा की सबसे बड़ी ताकत गति नहीं, बल्कि उनकी अचूक लाइन और लेंथ थी। उन्होंने 'कॉरिडोर ऑफ अनसर्टेनिटी' (अनिश्चितता का गलियारा) में गेंद डालकर दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों को भी घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।

Michael Clarke, Mark Nicholas, Michael Slater, Shane Warne, Glenn McGrath and Brett Lee wear pink on Jane McGrath Day, Australia v India, 4th Test, Sydney, 3rd day, January 8, 2015

उनके करियर के कुछ दिलचस्प आंकड़े इस प्रकार हैं:

 माइक एथरटन का शिकार: मैक्ग्रा ने इंग्लैंड के माइक एथरटन को टेस्ट क्रिकेट में रिकॉर्ड 19 बार आउट किया।

 ब्रायन लारा से जंग: दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा को उन्होंने 13 बार पवेलियन भेजा, जो किसी भी अन्य गेंदबाज की तुलना में लगभग दोगुना है।

Glenn McGrath imitates the pose of a wax statue of himself at Madame Tussauds, Sydney, July 31, 2013

बल्लेबाजी में भी जीता दिल

यद्यपि मैक्ग्रा को उनकी नंबर 11 की बल्लेबाजी के लिए अक्सर मजाक का पात्र बनाया जाता था, लेकिन 2004-05 में न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने शानदार अर्धशतक जड़कर सबको चौंका दिया। उस पारी के दौरान पूरा स्टेडियम उनके सम्मान में खड़ा हो गया था, जो उनके प्रति प्रशंसकों के प्यार को दर्शाता है।

 

ग्लेन मैक्ग्रा: क्रिकेट के शिखर पर एक यादगार विदाई

ग्लेन मैक्ग्रा का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास किसी फिल्मी पटकथा या परीकथा जैसा सुखद अनुभव था। जहाँ कई खिलाड़ी अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर फॉर्म के लिए संघर्ष करते हैं, वहीं मैक्ग्रा ने खेल को उस समय अलविदा कहा जब वह अपनी सफलता के चरम पर थे। साल 2007 उनके करियर का सबसे यादगार वर्ष साबित हुआ। इसी साल उन्होंने अपनी जादुई गेंदबाजी के दम पर ऑस्ट्रेलिया को इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू एशेज सीरीज में 5-0 से ऐतिहासिक क्लीन स्वीप दिलाने में महती भूमिका निभाई। यह जीत न केवल ऑस्ट्रेलिया के लिए गौरव की बात थी, बल्कि मैक्ग्रा के टेस्ट करियर के लिए एक भव्य विदाई समारोह जैसी थी।

इतना ही नहीं, टेस्ट क्रिकेट से विदा लेने के बाद उन्होंने सीमित ओवरों के खेल में भी अपनी बादशाहत कायम रखी। 2007 के विश्व कप में उनकी गेंदबाजी ने विपक्षी टीमों को असहाय कर दिया था। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के दम पर ऑस्ट्रेलिया को विश्व विजेता बनाने के साथ-साथ उन्हें 'मैन ऑफ द टूर्नामेंट' के खिताब से नवाजा गया। जब इस दिग्गज गेंदबाज ने मैदान से आखिरी कदम बाहर रखे, तब उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 563 विकेट दर्ज थे। मैक्ग्रा का यह सफर केवल आंकड़ों के लिए नहीं, बल्कि उनकी अटूट सटीकता और जुझारू प्रवृत्ति के लिए हमेशा क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज रहेगा। ग्लेन मैक्ग्रा आज भी उभरते हुए तेज गेंदबाजों के लिए एक आदर्श हैं। उनका करियर सिखाता है कि यदि आपके पास अनुशासन और नियंत्रण है, तो आप दुनिया के किसी भी मैदान पर सफलता का परचम लहरा सकते हैं।

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