AI की आंधी में IT नौकरियों पर संकट: टेक दिग्गजों की नई छंटनी रणनीति, Meta और Microsoft के हजारों कर्मचारियों पर मंडराया खतरा

खबर सार :-
एआई के विस्तार ने आईटी उद्योग की दिशा बदल दी है, जहां कंपनियां भविष्य की तकनीकों में निवेश के लिए पारंपरिक नौकरियों में कटौती कर रही हैं। Meta और Microsoft के कदम इस बदलाव का संकेत हैं। आने वाले समय में कर्मचारियों को नई तकनीकी स्किल्स अपनानी होंगी, तभी वे इस बदलते परिदृश्य में खुद को प्रासंगिक बनाए रख पाएंगे।

AI की आंधी में IT नौकरियों पर संकट: टेक दिग्गजों की नई छंटनी रणनीति, Meta और Microsoft के हजारों कर्मचारियों पर मंडराया खतरा
खबर विस्तार : -

AI IT Jobs Crisis: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने वैश्विक आईटी सेक्टर में हलचल मचा दी है। दिग्गज टेक कंपनियां जैसे Meta और Microsoft अब अपने खर्चों और संसाधनों को एआई की ओर मोड़ रही हैं, जिसके चलते बड़े पैमाने पर नौकरियों में कटौती की तैयारी की जा रही है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह बदलाव केवल तकनीकी उन्नति नहीं बल्कि कार्यबल संरचना में बड़े बदलाव का संकेत है।

मेटा में 10 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी की आशंका

मेटा, जिसकी कमान Mark Zuckerberg के हाथों में है, ने अपने इंटरनल मेमो में संकेत दिया है कि कंपनी लगभग 10 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी कर सकती है। यह आंकड़ा करीब 8,000 नौकरियों के बराबर है। साथ ही, कंपनी ने लगभग 6,000 खाली पदों को न भरने का फैसला किया है। यह कदम 20 मई से लागू होने की संभावना है और इसे कंपनी के बड़े पुनर्गठन अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। दूसरी ओर, Microsoft ने भी अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) योजना पेश की है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि अमेरिका में लगभग 7 प्रतिशत कर्मचारी इस योजना के दायरे में आ सकते हैं, जिससे करीब 8,750 लोगों पर प्रभाव पड़ सकता है। कंपनी का यह कदम बदलती तकनीकी प्राथमिकताओं और लागत संतुलन के मद्देनजर उठाया गया है।

एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ता निवेश बना कारण

इन छंटनी योजनाओं के पीछे सबसे बड़ा कारण एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ता निवेश है। Microsoft अपने वैश्विक डेटा सेंटर नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही है और जापान व ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में बड़े निवेश की घोषणा कर चुकी है। वहीं Meta ने इस साल रिकॉर्ड स्तर का पूंजीगत व्यय तय किया है और कई अरब डॉलर के एआई साझेदारी समझौते किए हैं। कंपनियां अब पारंपरिक आईटी भूमिकाओं की बजाय ऑटोमेशन, मशीन लर्निंग और डेटा इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अधिक संसाधन लगा रही हैं। इसका सीधा असर उन कर्मचारियों पर पड़ रहा है जिनकी भूमिकाएं एआई के चलते अप्रासंगिक होती जा रही हैं।

एचआर प्रमुखों के बयान से झलकती रणनीति

मेटा की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी Janelle Gale ने अपने मेमो में कहा कि यह कदम कंपनी को अधिक कुशल बनाने और निवेश संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है। वहीं माइक्रोसॉफ्ट की एचआर प्रमुख Amy Coleman ने कहा कि कंपनी को बदलती प्राथमिकताओं के साथ तेजी से तालमेल बिठाना होगा और प्रक्रियाओं को सरल बनाना होगा। इन बयानों से साफ है कि कंपनियां केवल लागत कटौती नहीं कर रहीं, बल्कि भविष्य की तकनीकी जरूरतों के अनुसार खुद को ढाल रही हैं।

कंपनियों में लगातार छंटनी का सिलसिला जारी

पिछले दो वर्षों में Meta और Microsoft दोनों ने कई चरणों में कर्मचारियों की छंटनी की है। अब एआई निवेश के बढ़ते दबाव के कारण यह सिलसिला और तेज होता नजर आ रहा है। इसी बीच, KPMG ने भी अमेरिका में अपने ऑडिट पार्टनर पदों में लगभग 10 प्रतिशत कटौती की योजना बनाई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह बदलाव केवल टेक सेक्टर तक सीमित नहीं है।

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