Indian Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार दूसरे दिन जोरदार तेजी देखने को मिली। BSE Sensex 1,205 अंक यानी 1.63% की उछाल के साथ 75,273.45 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 394.05 अंक यानी 1.72% की मजबूती के साथ 23,306.45 पर पहुंच गया। इस तेजी ने निवेशकों की संपत्ति में भारी इजाफा किया और बाजार में सकारात्मक माहौल को और मजबूत किया। हर सेक्टर में हरियाली, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी में सबसे ज्यादा तेजी
बाजार की इस तेजी की खास बात यह रही कि लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 3.51% की सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा रियल्टी, पीएसयू बैंक, मेटल, फाइनेंशियल सर्विस, ऑटो और हेल्थकेयर सेक्टर में भी मजबूत खरीदारी देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों का भरोसा अब व्यापक स्तर पर लौट रहा है, जिससे सिर्फ चुनिंदा शेयरों में नहीं बल्कि पूरे बाजार में तेजी देखने को मिल रही है।
लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी शानदार तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.30% की बढ़त के साथ 55,331.05 पर बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 2.59% चढ़कर 15,896.55 के स्तर पर पहुंच गया। यह संकेत देता है कि बाजार में केवल बड़े निवेशक ही नहीं बल्कि रिटेल निवेशक भी सक्रिय रूप से खरीदारी कर रहे हैं।
सेंसेक्स में शामिल कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में मजबूत तेजी देखने को मिली। UltraTech Cement, Bajaj Finance, Larsen & Toubro, Titan Company, IndiGo, Mahindra & Mahindra, Tata Steel, State Bank of India और HDFC Bank जैसे शेयर टॉप गेनर्स में शामिल रहे। वहीं दूसरी ओर Tech Mahindra, Power Grid Corporation of India, TCS और Bharat Electronics Limited में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
तेजी के इस दौर में निवेशकों की कुल संपत्ति में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। Bombay Stock Exchange पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 8 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 4.31 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह उछाल बताता है कि बाजार में निवेशकों का विश्वास तेजी से मजबूत हो रहा है और वे लंबी अवधि के लिए निवेश बढ़ा रहे हैं। बाजार में आई इस तेजी के पीछे कई अहम कारण माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देश को राहत मिलती है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत और मध्य पूर्व में Iran, United States और Israel के बीच तनाव में कमी ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,460-23,465 का स्तर एक अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि यह स्तर पार होता है तो बाजार 23,600 और फिर 23,800 तक जा सकता है। हालांकि, गिरावट की स्थिति में 23,150-23,100 का स्तर मजबूत सपोर्ट के रूप में काम करेगा। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहते हुए रणनीति बनाकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है। बाजार की मौजूदा तेजी निवेशकों के लिए अवसर भी है और सावधानी का संकेत भी। जहां एक ओर तेजी से मुनाफा कमाने का मौका है, वहीं ऊंचे स्तर पर खरीदारी जोखिम भरी हो सकती है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान दें और लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करें।
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