राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड से चमकी किसानों की किस्मत, वैश्विक बाजार में भारतीय हल्दी की मांग में जोरदार इजाफा

खबर सार :-
राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड भारतीय किसानों और निर्यात क्षेत्र के लिए एक मजबूत आधार बनकर उभरा है। निर्यात में आई उल्लेखनीय वृद्धि और वैश्विक बाजार में भारत की बढ़ती हिस्सेदारी इस बात का प्रमाण है कि सही नीतियों और संस्थागत समर्थन से पारंपरिक फसलों को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा सकती है। आने वाले वर्षों में यह बोर्ड किसानों की आय बढ़ाने में और अहम भूमिका निभाएगा।

राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड से चमकी किसानों की किस्मत, वैश्विक बाजार में भारतीय हल्दी की मांग में जोरदार इजाफा
खबर विस्तार : -

Turmeric Powder Export: राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड (एनटीबी) भारतीय किसानों को सशक्त बनाने और देश की पारंपरिक फसल हल्दी को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहा है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड की स्थापना के एक वर्ष पूरे होने पर कहा कि बोर्ड ने अपने उद्देश्यों की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है और इसका सीधा लाभ किसानों, व्यापारियों और निर्यातकों को मिल रहा है।

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड की स्थापना का मुख्य उद्देश्य हल्दी के उत्पादन को बढ़ाना, किसानों की आय में इजाफा करना और भारतीय हल्दी के निर्यात को दुनिया भर में प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि बोर्ड ने बीते एक साल में इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं।

किसानों के लिए नए अवसर

राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड किसानों को आधुनिक खेती तकनीकों, बेहतर बीज, गुणवत्ता नियंत्रण और बाजार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दे रहा है। इससे न केवल उत्पादन बढ़ रहा है, बल्कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य भी मिल रहा है। बोर्ड किसानों को वैश्विक मांग के अनुरूप उत्पादन के लिए प्रशिक्षित कर रहा है।

निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत से हल्दी के निर्यात में 50.7 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जहां 2023-24 में निर्यात 226.58 मिलियन डॉलर था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 341.54 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। यह बढ़ोतरी भारतीय हल्दी की बढ़ती वैश्विक मांग और सरकारी प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है।

वैश्विक बाजार में भारत की मजबूत पकड़

संसद के शीतकालीन सत्र में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि 2024-25 में भारत से 1.76 लाख मीट्रिक टन से अधिक हल्दी का निर्यात हुआ, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1.62 लाख मीट्रिक टन था। वर्तमान में वैश्विक हल्दी बाजार में भारत की हिस्सेदारी करीब 66 प्रतिशत है।

टॉप आयातक देश

भारत से हल्दी आयात करने वाले प्रमुख देशों में बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका, मलेशिया और मोरक्को शामिल हैं। ये देश भारतीय हल्दी की गुणवत्ता और औषधीय गुणों के कारण लगातार मांग बढ़ा रहे हैं।

बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता पर फोकस

राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड हल्दी से बने नए उत्पादों को बढ़ावा देने, अंतरराष्ट्रीय बाजार में जागरूकता बढ़ाने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने पर काम कर रहा है। इसके साथ ही निर्यात के लिए बेहतर परिवहन, भंडारण और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता व सुरक्षा मानकों के पालन पर भी जोर दिया जा रहा है।

 

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