Petrol Diesel Price Hike: मिडिल ईस्ट में बढ़ते जा रहे तनाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था दिखने लगा है। ईरान-इजरायल और अमेरिका में भड़क रही युद्ध की आग अब सीधे आपकी जेब पर भारी पड़ने लगी है। देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन विक्रेता कंपनी ने पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में प्रति लीटर ₹5 तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है। ये नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। महीनों से चली आ रही "प्राइस फ्रीज" (price freeze) के बाद, आम आदमी के लिए यह एक बड़ा झटका है।
बता दें कि देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने गुरुवार को पेट्रोल 5 रुपये और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की बढोतरी की है। इसी के साथ ही नायरा एनर्जी पहली ऐसी कंपनी बन गई है, जिसने वैश्विक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर सीधे उपभोक्ताओं पर डालते हुए पेट्रोल और डीजल की दरें बढ़ाई हैं। इस बढ़ोतरी के साथ ही मध्य प्रदेश में पेट्रोल की कीमत ₹106.74 से बढ़कर ₹111.74 प्रति लीटर हो गई है। वहीं, डीज़ल की कीमतें ₹91.86 से बढ़कर ₹94.86 प्रति लीटर हो गई हैं। यह बढ़ोतरी निजी ईंधन पंपों पर लागू की गई है, जबकि सरकारी पंपों पर कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं।
हालांकि, VAT जैसे स्थानीय करों के कारण अलग-अलग राज्यों में कीमतें थोड़ी अलग हो सकती हैं। कुछ जगहों पर, पेट्रोल की कीमत ₹5.30 प्रति लीटर तक बढ़ गई है। उधर कीमत बढ़ने के बाद पंपों पर पहुंचे लोगों ने जबरदस्त नाराजगी देखने को मिल रही है। कई ग्राहकों का कहना है कि जब सरकारी पंपों पर दाम नहीं बढ़े हैं, तो निजी कंपनियां ऐसा क्यों कर रही हैं।
बता दें कि Nayara Energy कंपनी पूरे भारत में लगभग 6,967 पेट्रोल पंप चलाती है। सरकारी कंपनियों के विपरीत, निजी तेल कंपनियों को अपने नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से कोई मुआवजा नहीं मिलता है। नतीजतन, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों का सीधा बोझ अब आम लोगों पर डाल दिया गया है। हालांकि, रिलायंस और BP के जॉइंट वेंचर Jio-bp ने भारी नुकसान सहने के बावजूद अभी अपने रेट नहीं बढ़ाए हैं। हालांकि 20 मार्च को सभी कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल (जैसे XP95 और Power) के दाम 2.09 रुपये से 2.35 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए थे, जिससे इनके रेट 113.77 रुपये के करीब पहुंच गए हैं।
गौरतलब है कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया है। फरवरी के अंत से, कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले और जवाबी कार्रवाई के चलते तेल सप्लाई में बाधा की आशंका बढ़ गई थी। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल करीब 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जो बाद में घटकर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल आ गई है। दरअसल भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए आयात पर बहुत अधिक निर्भर है, और इसका लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आता है। इस आयात का एक बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते आता है, जो इस समय क्षेत्रीय तनाव से प्रभावित है।
इस बीच, सरकार ने कहा है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, और सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। सरकार ने यह भी कहा कि पूरे देश में PNG कनेक्शनों का तेज़ी से विस्तार किया जा रहा है और सभी रिफाइनरियाँ अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। अफवाहों के कारण कुछ क्षेत्रों में लोग घबराकर खरीदारी करते देखे गए; हालाँकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है।
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