US-Iran Ceasefire Signal: वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की खबरों ने भारतीय शेयर बाजार में उत्साह भर दिया है। बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार हरे निशान में खुला और शुरुआती कारोबार में ही जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निवेशकों के भरोसे और विदेशी संकेतों के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही मजबूती के साथ आगे बढ़ते नजर आए।
भारतीय शेयर बाजार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,068.45 के मुकाबले 583.56 अंकों की बढ़त के साथ 74,652.01 पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी ने भी मजबूत शुरुआत करते हुए 152 अंकों की तेजी के साथ 23,064.40 का स्तर छुआ। हालांकि शुरुआती बढ़त यहीं नहीं रुकी और सुबह करीब 9:27 बजे तक सेंसेक्स 886.30 अंक चढ़कर 74,954.75 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी50 304.35 अंकों की बढ़त के साथ 23,216.75 पर कारोबार करता दिखा। इस तेजी में व्यापक बाजार यानी मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 2.04 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 2.29 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई, जो यह संकेत देता है कि बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी हो रही है।
भारतीय शेयर बाजार में आज सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो रियल्टी सेक्टर ने सबसे अधिक 3.55 प्रतिशत की तेजी दर्ज की। इसके अलावा मेटल सेक्टर 2.51 प्रतिशत, मीडिया 2.29 प्रतिशत, ऑटो 2.20 प्रतिशत और पीएसयू बैंक सेक्टर में करीब 2 प्रतिशत की मजबूती देखने को मिली। एफएमसीजी और फार्मा सेक्टर भी क्रमशः 1.26 प्रतिशत और 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ सकारात्मक दायरे में रहे। निफ्टी50 के टॉप गेनर्स में श्रीराम फाइनेंस, ट्रेंट, अदाणी इंटरप्राइजेज, ग्रासिम, अदाणी पोर्ट्स और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे दिग्गज शेयर शामिल रहे। इन कंपनियों में 2.5 प्रतिशत से लेकर 4.5 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई, जिससे बाजार को और मजबूती मिली।

हालांकि, शेयर बाजार में तेजी के बीच रुपये में हल्की कमजोरी देखी गई। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 93.95 पर खुला, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह 93.87 पर बंद हुआ था। मुद्रा बाजार में यह गिरावट निवेशकों के लिए सतर्कता का संकेत भी मानी जा रही है।
विश्लेषकों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। लेकिन अब संभावित सीजफायर की उम्मीदों ने बाजार को राहत दी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 7 प्रतिशत गिरकर 97.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 6 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 86.72 डॉलर तक पहुंच गया।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक मैक्रोइकोनॉमिक संकेतों, वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर निर्भर करेगी। हालांकि मौजूदा तेजी सकारात्मक संकेत देती है, लेकिन अभी बाजार पूरी तरह स्थिर स्थिति में नहीं है। तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी को अपने महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तरों को पार करना होगा, तभी यह तेजी टिकाऊ बन सकेगी। अगर ऐसा नहीं होता है, तो ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है।
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