Indian Stock Market: सेंसेक्स, निफ्टी मामूली बढ़त के साथ खुले; एफएमसीजी शेयरों ने किया तेजी का नेतृत्व

खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ खुला, लेकिन अमेरिकी टैरिफ नीति और बाजार की स्थिति को लेकर सतर्कता बनी हुई है। एफएमसीजी शेयरों में तेजी रही, जबकि कुछ अन्य क्षेत्रों में गिरावट देखी गई। विश्लेषक मानते हैं कि यदि टैरिफ नीति पर जल्दी कोई सकारात्मक निर्णय आता है, तो बाजार की स्थिति में सुधार हो सकता है।

Indian Stock Market: सेंसेक्स, निफ्टी मामूली बढ़त के साथ खुले; एफएमसीजी शेयरों ने किया तेजी का नेतृत्व
खबर विस्तार : -

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को मामूली बढ़त के साथ खुला, क्योंकि अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी शुल्कों के प्रभाव से उबरने की कोशिश की जा रही थी। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 इंडेक्स 36 अंक (0.15 प्रतिशत) बढ़कर 24,537 पर पहुंच गया, जबकि बीएसई सेंसेक्स 118 अंक (0.15 प्रतिशत) बढ़कर 80,199 पर पहुंच गया। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक स्थिर कारोबार कर रहे थे।

टॉप गेनर्स और लूजर्स कंपनियों के शेयर

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को एफएमसीजी इंडेक्स में 1.59 प्रतिशत की वृद्धि रही, जो कि प्रमुख तेजी का कारण बना, जबकि ऑटो इंडेक्स 0.84 प्रतिशत की गिरावट में रहा। निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.43 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली। कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, एचयूएल, टाटा स्टील, टीसीएस और एशियन पेंट्स ने टॉप गेनर्स की सूची में अपनी जगह बनाई, जबकि श्रीराम फाइनेंस, अपोलो हॉस्पिटल्स, टाइटन कंपनी, एलएंडटी और आईसीआईसीआई बैंक टॉप लूजर्स रहे।

विश्लेषकों की नजर में भारतीय बाजार

बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, घरेलू शेयर बाजार को देखें तो निफ्टी में एक मजबूत बियरिश कैंडल बनी है, जो लगातार बिकवाली के दबाव को दर्शाता है। इसलिए निवेशक वेट एंड वाच की स्थिति में बने हुए हैं। चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग की अमृता शिंदे ने कहा कि तकनीकी रूप से, निफ्टी 24,700 के ऊपर जाने पर 24,850 और 25,000 के क्षेत्रों की ओर बढ़ सकता है, जबकि तत्काल समर्थन 24,337 पर है। इसलिए बाजार पर बहुत अधिक या बहुत दिनों पर असर नहीं रहेगा। हालांकि, निवेशक सतर्कता बनाए हुए हैं।

टैरिफ को लेकर घबराहट की संभावना कम

अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद बाजार में घबराहट की संभावना कम है। इसे एक अल्पकालिक परेशानी के रूप में देखा जा रहा है, जो जल्द ही हल हो सकती है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के डॉ. वीके विजयकुमार ने बताया कि अगर टैरिफ नीति पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो बाजार में शॉर्ट कवरिंग हो सकती है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार चौथे दिन बिकवाली करते हुए 3,856.51 करोड़ रुपए के शेयरों को बेचा, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) ने शुद्ध खरीदी की और 6,920.34 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं।

 

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